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रायगढ़ जिले में बिजली संकट पर सियासत तेज: लो वोल्टेज और अघोषित कटौती से जनजीवन बेहाल

कांग्रेस ने प्रशासन पर साधा निशाना, समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

रायगढ़, 25 अप्रैल 2026। जिले में लगातार गहराते बिजली संकट को लेकर अब राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नगेंद्र नेगी ने बिजली व्यवस्था पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लो वोल्टेज की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। इसके चलते आम नागरिकों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घरों में पंखे, कूलर और अन्य आवश्यक उपकरण ठीक से नहीं चल पा रहे हैं, वहीं वोल्टेज के उतार-चढ़ाव के कारण इलेक्ट्रॉनिक सामानों के खराब होने की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं।

नेगी ने आरोप लगाया कि लोड सेटिंग के नाम पर अघोषित बिजली कटौती ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों तक बिजली बंद रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। वहीं किसानों को सिंचाई कार्य में बाधा आ रही है और छोटे व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने बिजली संकट के लिए विद्युत विभाग की लापरवाही, रखरखाव की कमी और योजनाबद्ध प्रबंधन के अभाव को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि यदि समय रहते ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस, लाइन सुधार और आपूर्ति की बेहतर योजना बनाई जाती, तो आज यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी जनता के साथ मिलकर आंदोलन करने को बाध्य होगी।

इधर, कांग्रेस प्रवक्ता तारेंद्र डनसेना ने भी बिगड़ती बिजली व्यवस्था को सरकार और प्रशासन की विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि एक ओर विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जनता को बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। खेतों में पर्याप्त बिजली न मिलने से फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।

डनसेना ने यह भी कहा कि लो वोल्टेज और बिजली कटौती का असर अब उद्योग-धंधों, छोटे व्यवसायों और विद्यार्थियों की पढ़ाई तक पहुंच गया है। कई क्षेत्रों में रात के समय भी बिजली कटौती जारी रहने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि विद्युत विभाग तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाए, तकनीकी खामियों को दूर करे और बिजली कटौती के लिए पारदर्शी एवं पूर्व सूचना आधारित प्रणाली लागू करे।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो चरणबद्ध जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें धरना, प्रदर्शन और घेराव जैसे कदम शामिल होंगे।

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Taran

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