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मेहनत, अनुशासन और सपनों की उड़ान: रायगढ़ के विद्यार्थियों ने प्रदेश में लहराया परचम

रायगढ़ । रायगढ़ जिले के विद्यार्थियों ने इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिले के कुल 8 विद्यार्थियों ने प्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर न केवल अपने परिवार और विद्यालय का नाम रोशन किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियाँ कभी सपनों की राह नहीं रोक सकतीं। इनमें 12वीं के 6 और 10वीं के 2 छात्र शामिल हैं।

इन मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में कलेक्टोरेट में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे तथा एसएसपी शशि मोहन सिंह ने छात्रों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। अधिकारियों ने कहा कि यह उपलब्धि केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी सफलताओं की मजबूत नींव है।

इस वर्ष की सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि टॉपर्स में कई छात्र किसान, मजदूर और ड्राइवर परिवारों से आते हैं। आर्थिक सीमाओं के बावजूद इन बच्चों ने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर असाधारण सफलता प्राप्त की।

12वीं बोर्ड परीक्षा में कृष महंत ने 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया। उनका सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना है। लोकनाथ मेहर ने 97.20 प्रतिशत अंकों के साथ छठवां स्थान प्राप्त किया और वे भविष्य में डॉक्टर बनना चाहते हैं।

शीतल साहू ने 96.80 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाया। उनके पिता ड्राइवर हैं और उनका लक्ष्य भी आईएएस अधिकारी बनने का है। वहीं बबीता पटेल ने 96.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप-10 में जगह बनाई।

इसी तरह लिसिका वर्मा और अंजली झा ने क्रमशः 96.60 और 96.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। दोनों छात्राओं का सपना इंजीनियर बनना है।

10वीं बोर्ड परीक्षा में गिरिजा प्रधान ने 98.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय “समझकर पढ़ाई” की रणनीति को दिया। वहीं एहसान अली ने 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में आठवां स्थान हासिल किया। उनका सपना डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना है।

इन सभी छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित 6 से 8 घंटे की पढ़ाई, सोशल मीडिया से दूरी और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। छात्रों ने कहा कि यदि अनुशासन और निरंतरता के साथ पढ़ाई की जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।

यह सफलता केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उन माता-पिता और शिक्षकों की भी जीत है जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों के सपनों को टूटने नहीं दिया। रायगढ़ के इन मेधावी छात्रों ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती, उसे केवल मेहनत और सही दिशा की आवश्यकता होती है।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri