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KVK कर्मचारियों का आंदोलन निर्णायक चरण में, अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

खरसिया, 20 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के अधिकारी और कर्मचारी वेतन विसंगति, अपूर्ण वेतन भुगतान और वैधानिक सेवा-लाभों की बहाली की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र सर्व कर्मचारी कल्याण संघ ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र भेजकर 16–20 फरवरी तक चली पाँच दिवसीय हड़ताल को 23 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन में बदलने की घोषणा की है।

संघ ने कहा कि हड़ताल के दौरान प्रतिनिधिमंडल द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन से समाधान की कोशिश की गई, लेकिन कुलपति महोदय ने जिम्मेदारी से बचते हुए कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। संघ ने विश्वविद्यालय की हालिया प्रेस विज्ञप्ति का कड़ा विरोध करते हुए बताया कि ICAR के स्थगित पत्र का भ्रामक हवाला दिया जा रहा है और ICAR के 75% अंशदान को 100% बताकर वैधानिक जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जा रहा है।

संघ ने दोहराया कि KVK के अधिकारी और कर्मचारी सेवा शर्तों की दृष्टि से विश्वविद्यालय के कर्मचारी हैं और उनके पूर्ण वेतन, भत्ते और सेवा-लाभ की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय द्वारा तत्काल, स्पष्ट और लिखित निर्णय नहीं लिया गया, तो हड़ताल के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्त प्रशासनिक, शैक्षणिक और प्रसारगत अव्यवस्थाओं की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अनुशासित रहेगा, लेकिन कर्मचारियों के सम्मान, आजीविका और वैधानिक अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena