Skip to content

“अगर BJP गौहत्या पर सख़्त कानून बना दे तो हमारा मुंह अपने आप बंद हो जाएगा” शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सरकार को खुली चुनौती, संत समाज का बढ़ता दबाव

वाराणसी। देश में गौसंरक्षण और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि यदि गौहत्या पर सख़्त और प्रभावी कानून बना दिया जाए, तो संत समाज की ओर से उठ रही आवाज़ें अपने आप शांत हो जाएंगी। उनका यह बयान न केवल धार्मिक मंचों पर बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का केंद्र बन गया है।

शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि संत समाज की मांग किसी राजनीतिक लाभ से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था से जुड़ा मूल विषय है। उन्होंने कहा कि वर्षों से गौसंरक्षण को लेकर वादे किए जाते रहे हैं, लेकिन आज तक पूरे देश में एक समान और कठोर कानून लागू नहीं हो पाया है। उनके अनुसार, यह केवल धार्मिक भावना का प्रश्न नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक अस्मिता का विषय है, जिस पर सरकार को निर्णायक कदम उठाने चाहिए।

अपने बयान में उन्होंने भावुकता और तीखेपन का मिश्रण दिखाते हुए कहा कि समाज गौमाता की रक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है। उन्होंने यहां तक कहा, “हम तुम्हारा कमरा साफ कर देंगे, झाड़ू-पोछा लगा देंगे, जरूरत पड़ी तो नौकर भी बन जाएंगे, लेकिन गौहत्या पर सख़्त कानून बना दो।” इस बयान ने सोशल मीडिया और जनमानस में व्यापक प्रतिक्रिया पैदा की है और इसे संत समाज के बढ़ते आक्रोश के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

इसके साथ ही शंकराचार्य ने प्रयागराज के संगम स्नान और संतों के सम्मान को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में संत समाज की गरिमा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के तीखे और स्पष्ट बयानों से आने वाले समय में गौसंरक्षण का मुद्दा फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ सकता है और सरकार पर इस दिशा में ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ सकता है।

ख़बर शेयर करें:

Description of the image
Kanha Shastri

Kanha Shastri