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रायगढ़ में हाथी के बच्चे का शव जंगल में मिला, वन विभाग ने शुरू की जांच

रायगढ़, 22 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र में फिर एक हाथी के बच्चे का शव जंगल में पाया गया। शव के पास बड़े हाथियों के पैरों के निशान भी मिले, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतक शावक के आसपास हाथियों का झुंड मौजूद था।

घटना का विवरण

हाथी के बच्चे का शव तमनार रेंज के झिंगोल बीट के कक्ष क्रमांक 838 आरएफ में मिला। सबसे पहले ग्रामीणों ने शव देखा और वन विभाग को सूचना दी।

सूचना मिलने के बाद तमनार एसडीओ आशुतोष मंडवा, रेंजर विक्रांत कुमार और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में आसपास हाथियों के पैरों के निशान मिले। निशानों से यह अंदाजा लगाया गया कि बड़े हाथियों ने शावक की मौत के बाद उसे काफी देर तक उठाने या खींचने की कोशिश की।

जांच और पोस्टमार्टम

जांच के दौरान आसपास कहीं भी करंट तार या किसी संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले। इसके बाद हाथी के बच्चे के शव का पंचनामा किया गया और रविवार को उसका पोस्टमार्टम कराया गया।

डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट में शावक के शरीर में कमजोरी के लक्षण पाए गए हैं। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

वन्यजीवों की सुरक्षा और हाल की घटनाएँ

रायगढ़ वन मंडल के तमनार रेंज में पूरे साल हाथियों की मौजूदगी रहती है। पिछले पांच महीनों में इस क्षेत्र में तीन हाथियों की मौत हो चुकी है।

अक्टूबर में केराखोल के जंगल में एक हाथी करंट लगे तार की चपेट में आ गया था। एक हाथी का बच्चा चट्टानों में फंसने से मारा गया। अब फिर एक हाथी का शव जंगल में पाया गया है।

रेंजर विक्रांत कुमार ने बताया कि शावक के शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले और आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि भी नहीं पाई गई। प्रारंभिक संकेत यह हैं कि शावक की मौत कमजोरी के कारण हुई हो सकती है।

तमनार रेंज के सामारूमा क्षेत्र में 26 हाथियों का दल रहता है और वन विभाग झुंड पर लगातार नजर रख रहा है।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena