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खरसिया में जल संकट गहराया: मदनपुर समेत दर्जनों गांवों में पानी के लिए हाहाकार, नहर में पानी नहीं छोड़ा तो आंदोलन की चेतावनी

खरसिया। तहसील खरसिया के मुख्यालय ग्राम मदनपुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों में पेयजल संकट विकराल रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि फरवरी माह की शुरुआत के साथ ही बोर-बोरिंग का जलस्तर तेजी से गिरने लगा है। कई स्थानों पर पानी की आपूर्ति बाधित हो चुकी है और हालात चिंताजनक बने हुए हैं।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते उपाय नहीं किए गए तो मार्च 2026 तक लगभग 90 प्रतिशत बोर-बोरिंग फेल हो सकते हैं।

🔹जलस्तर गिरा, बढ़ी चिंता

ग्रामीणों के अनुसार हर वर्ष गर्मी के मौसम में मिनीमाता बांगो बांग से संचालित बांगो नहर में पानी छोड़ा जाता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों का भू-जल स्तर बढ़ता है और बोर-बोरिंग में पानी की समस्या से राहत मिलती है।लेकिन इस वर्ष अब तक नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी चिंता व्याप्त है।

📄 एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खरसिया को ज्ञापन सौंपकर फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च के प्रारंभ तक नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है।

ज्ञापन की प्रतिलिपि रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद राधेश्याम राठिया,खरसिया विधायक उमेश पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविंद्र पटेल सहित कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी खरसिया और कार्यपालन अभियंता मिनीमाता बांगो नहर संभाग क्रमांक 05 को भी भेजी गई है।

⚠️ आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो वे धरना-प्रदर्शन और बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि यह केवल सिंचाई का नहीं, बल्कि पेयजल और जीवन-यापन का सवाल है।

अब क्षेत्रवासियों की नजर प्रशासनिक निर्णय पर टिकी है, ताकि भीषण गर्मी से पहले ही जल संकट का समाधान निकाला जा सके।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena