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बीते सालों में टॉप मिड-कैप फंड्स ने किया कमाल,जानें कैसे करें निवेश

लंबी अवधि और SIP: निवेश का स्मार्ट तरीका

इन्वेस्टमेंट-अगर आप इन दिनों म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो मिड-कैप फंड्स आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। बीते एक साल में इस फंड कैटेगरी ने लगभग 29% तक का रिटर्न दिया है। मिड-कैप फंड्स उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं जिनका मार्केट कैप 5,000 करोड़ से 20,000 करोड़ रुपए के बीच होता है, यानी 101वीं से 250वीं रैंक वाली कंपनियां।

फोटो:सांकेतिक

मिड-कैप फंड्स में निवेश करने वाले निवेशकों को रिस्क लेने की क्षमता जरूर होनी चाहिए। यह लार्ज-कैप फंड्स की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव वाला निवेश है, इसलिए इसे केवल लंबी अवधि के लिए यानी 5 साल या उससे ज्यादा-रखने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, पोर्टफोलियो का 20–30% हिस्सेदारी मिड-कैप फंड्स में निवेश करना ठीक रहता है।

पिछले कुछ वर्षों में कुछ प्रमुख मिड-कैप फंड्स ने शानदार प्रदर्शन किया है। उदाहरण के लिए, ICICI Prudential Mid Cap ने 1 साल में 29%, पिछले 3 साल में 26% और पिछले 5 साल में 22% रिटर्न दिया। इसी तरह Invesco India Mid Cap Fund ने 1 साल में 25%, 3 साल में 29% और 5 साल में 23% रिटर्न दर्ज किया। अन्य फंड्स जैसे HSBC, Axis Nifty Mid Cap 50 Index और Nippon India Growth Mid Cap ने भी संतोषजनक प्रदर्शन किया है।

निवेश का सबसे सुरक्षित तरीका SIP (Systematic Investment Plan) है। इसमें आप हर महीने एक निश्चित राशि निवेश करते हैं, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है और जोखिम संतुलित रहता है। यदि आप लंबी अवधि और सही रणनीति के साथ निवेश करते हैं, तो मिड-कैप फंड्स आपके पोर्टफोलियो के लिए उच्च रिटर्न और संतुलित जोखिम का अच्छा अवसर प्रदान कर सकते हैं।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri