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घटेश्वरी मंदिर एवं केलो तट बनेगा वनांचल का नया पर्यटन केंद्र: प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और समग्र विकास की तैयारी शुरू 

रायगढ़, रायगढ़ जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र तमनार विकासखंड में स्थित ग्राम पंचायत कसडोल के आश्रित ग्राम काटाझरिया में घटेश्वरी मंदिर परिसर और केलो नदी तट को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। रायगढ़ शहर से लगभग डेढ़ घंटे की दूरी पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और शांत वातावरण के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है।

केलो और पाछर नदी के संगम स्थल के निकट मुख्य मार्ग पर स्थित इस मंदिर परिसर और तट क्षेत्र को प्रशासन ने सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से पर्यटन योग्य स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है।

स्थल का महत्व और संभावनाएँ

यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, नदी के संगम का मनोहारी दृश्य और शांत वातावरण के कारण पहले से ही दर्शनीय स्थल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, छुट्टियों और अवकाश के दिनों में रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दर्शन और भ्रमण के लिए यहां आते हैं। यदि यहां पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएँ-जैसे स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और मार्गदर्शन संकेतक-सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से विकसित की जाएँ, तो क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

कलेक्टर ने किया निरीक्षण

रायगढ़ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने वनांचल क्षेत्र के भ्रमण के दौरान घटेश्वरी मंदिर परिसर और केलो नदी तट का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ और घरघोड़ा एसडीएम को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र के समग्र विकास की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जोर दिया कि विकास कार्य प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना किए जाएँ। उन्होंने कहा कि मैदानी समतलीकरण, संरचनात्मक सुविधाओं का निर्माण और पर्यटक सुविधाएँ चरणबद्ध तरीके से विकसित की जा सकती हैं।

प्रमुख निर्देश और विकास कार्य

पर्यटक और दर्शनार्थियों के लिए स्वच्छता, बैठने की सुविधा, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और मार्गदर्शन संकेतक उपलब्ध कराना। मंदिर परिसर और केलो नदी तट के आसपास पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना। स्थानीय स्तर पर ग्राम समिति गठित कर जनभागीदारी सुनिश्चित करना। चरणबद्ध योजना के तहत मंदिर परिसर और नदी तट के विभिन्न स्थलों का व्यवस्थित और स्थायी विकास।

कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि प्रारंभिक चरण में बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाए, ताकि क्षेत्र का विकास पर्यटक अनुकूल और स्थायी हो।

स्थानीय सहभागिता और प्रशासनिक सहयोग

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, घरघोड़ा एसडीएम श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, स्थानीय और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। उन्होंने कलेक्टर के दिशा-निर्देशों का समर्थन करते हुए विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि यदि प्रशासन और स्थानीय समुदाय मिलकर मूलभूत सुविधाओं का विकास करते हैं, तो यह क्षेत्र आने वाले समय में रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।घटेश्वरी मंदिर परिसर और केलो नदी तट का विकास न केवल धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार और जीवन स्तर में सुधार के लिए भी अवसर पैदा करेगा। जिला प्रशासन की यह पहल वनांचल क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena