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रायगढ़:महतारी वंदन योजना में छूटी महिलाओं को जोड़ने की मांग, “घोषणा और हकीकत में अंतर”-सलीम नियरिया

रायगढ़। राज्य सरकार की बहुप्रचारित महतारी वंदन योजना को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सलीम नियरिया ने आरोप लगाया है कि योजना के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं अब भी लाभ से वंचित हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि छूटी हुई महिलाओं का पंजीयन दोबारा शुरू किया जाए और सभी पात्र हितग्राहियों को सतत रूप से योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

“दो साल बाद भी हजारों महिलाएं बाहर”

सलीम नियरिया ने कहा कि योजना शुरू हुए लगभग दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन प्रारंभिक पंजीयन के बाद अब तक नए आवेदन नहीं लिए गए। इस कारण कई विधवा, निराश्रित, वृद्ध और जरूरतमंद महिलाएं योजना के दायरे से बाहर रह गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह योजना सतत रूप से चलने वाली है, तो पंजीयन प्रक्रिया भी निरंतर खुली रहनी चाहिए ताकि जो महिलाएं किसी कारणवश पहले आवेदन नहीं कर सकीं, वे भी लाभ ले सकें।

उन्होंने यह भी मांग की कि ऐसी अविवाहित महिलाएं, जिनका विवाह सामाजिक या शारीरिक कारणों से नहीं हो पाया, उन्हें भी योजना के दायरे में शामिल किया जाए।

“1000 की घोषणा, 500 का भुगतान”

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि योजना के तहत 1000 रुपये मासिक सहायता देने की घोषणा की गई थी, लेकिन कई स्थानों पर महिलाओं को 500 रुपये ही मिल रहे हैं। इससे भ्रम और असंतोष की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त बजट या स्पष्ट नीति नहीं थी, तो योजना लागू करने से पहले पारदर्शी व्यवस्था बनानी चाहिए थी।

पेंशनधारियों को भी पूरा लाभ देने की मांग

नियारिया ने कहा कि जिन महिलाओं को 1500 रुपये पेंशन मिलनी चाहिए, उन्हें केवल 1000 रुपये ही दिए जा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि महतारी वंदन योजना के तहत समायोजन कर पेंशनधारी महिलाओं को पूरा 1500 रुपये उपलब्ध कराया जाए।

योजनाबद्ध तरीके से हो रहा बंदरबांट”

उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि योजनाबद्ध लापरवाही है। राज्यभर से शिकायतें मिल रही हैं कि पंजीकृत लाभार्थियों को भी पूरी राशि नहीं मिल रही। महिलाएं बैंक और जनसेवा केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है।

सरकार से प्रमुख मांगें

छूटी हुई सभी पात्र महिलाओं का पुनः पंजीयन शुरू किया जाए। प्रत्येक पात्र महिला को समान रूप से 1000 रुपये की पूर्ण राशि दी जाए। पेंशनधारी महिलाओं को 1500 रुपये का समुचित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए।

सलीम नियरिया ने कहा कि जब तक प्रत्येक पात्र महिला को समान और सतत लाभ नहीं मिलेगा, तब तक योजना अपने उद्देश्य से भटकी हुई मानी जाएगी। उन्होंने सरकार से शीघ्र ठोस निर्णय लेने की मांग की है, ताकि वास्तव में महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हो सके।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri