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गलघोटू टीकाकरण के 40 दिन बाद बछड़ों की मौत का आरोप, कांग्रेस ने पशुपालन विभाग को घेरा

तारेन्द्र डनसेना ने कहा- लम्पी संक्रमण से ग्रामीण क्षेत्रों में हाहाकार, प्रभावित गांवों में तत्काल डॉक्टरों की टीम भेजने की मांग

रायगढ़, 31 अगस्त। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बछड़ों की कथित तौर पर लम्पी स्किन डिजीज से हो रही मौत को लेकर कांग्रेस ने पशुपालन विभाग और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ (ग्रामीण) के प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने आरोप लगाया है कि करीब 40 दिन पहले गांवों में गलघोटू (HS) बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाया गया था। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में लम्पी संक्रमण के मामले सामने आए और कई बछड़ों की मौत हो गई।

डनसेना के मुताबिक प्रभावित बछड़ों के शरीर पर गांठें निकल रही हैं, तेज बुखार की स्थिति बन रही है और पशु खाना-पीना तक छोड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई गांवों में दर्जनों बछड़े बीमारी की चपेट में आ चुके हैं और कुछ की मौत भी हो चुकी है। इससे गरीब और छोटे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

टीकाकरण के बाद संक्रमण बढ़ने का दावा

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि ग्रामीणों में इस बात को लेकर चिंता है कि गलघोटू टीकाकरण के बाद ही लम्पी संक्रमण के मामले तेजी से सामने आए। उन्होंने स्पष्ट जांच की मांग करते हुए कहा कि टीकाकरण और संक्रमण के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है।

उन्होंने वैक्सीन की गुणवत्ता, कोल्ड चेन व्यवस्था, टीकाकरण की प्रक्रिया तथा संक्रमण की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की जांच कराने की मांग की है।

‘गौठान’ से ‘गौधाम’ तक सरकार पर निशाना

तारेन्द्र डनसेना ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार की गोधन न्याय योजना और गौठान व्यवस्था का उल्लेख करते हुए वर्तमान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले गांवों में पशुओं के चारे, पानी और स्वास्थ्य जांच जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाता था, लेकिन वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन की देखरेख को लेकर स्थिति खराब है।

उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं के नाम बदलने से पशुपालकों की समस्याएं दूर नहीं होंगी। प्रभावित क्षेत्रों में नियमित पशु चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाइयों और तत्काल उपचार की व्यवस्था जरूरी है।

कांग्रेस ने रखीं चार प्रमुख मांगें

डनसेना ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित गांवों में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम तत्काल भेजी जाए और बीमार पशुओं का निःशुल्क उपचार कराया जाए। इसके साथ ही 40 दिन पूर्व हुए गलघोटू टीकाकरण अभियान और उसके बाद सामने आए लम्पी संक्रमण के मामलों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।

उन्होंने लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा बीमारी के कारण बछड़े गंवाने वाले किसानों और पशुपालकों को उचित आर्थिक मुआवजा देने की भी मांग की।

24 से 48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

तारेन्द्र डनसेना ने चेतावनी दी कि यदि 24 से 48 घंटे के भीतर पशुपालन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में ठोस कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस किसानों और पशुपालकों के हित में आंदोलन करेगी। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर टीम भेजकर वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है।

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Taran

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