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एआई किड ऑफ इंडिया: राउल जॉन अजु और इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में चर्चा का केंद्र

नई दिल्ली। केरल के युवा एआई इनोवेटर राउल ने हाल ही में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में अपनी प्रतिभा और अनुभवों से सभी का ध्यान खींचा। ‘एआई किड ऑफ इंडिया’ के नाम से पहचाने जाने वाले राउल ने एआई के जिम्मेदार उपयोग, शिक्षा और नवाचार पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक का असली प्रभाव उसके सही इस्तेमाल पर निर्भर करता है।

एआई में योगदान और शिक्षा

राउल जॉन अजु कई एआई टूल्स विकसित कर रहे हैं और कंटेंट क्रिएशन के साथ-साथ बड़े कॉलेजों और स्कूलों में एआई शिक्षा भी दे रहे हैं। वह छह बार टेडेक्स के मंच पर अपने विचार साझा कर चुके हैं। उनका मानना है कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि समाज और शिक्षा में बदलाव लाने का माध्यम भी हो सकता है।

बचपन से सक्रिय और बहुआयामी अनुभव

राउल ने बताया कि बचपन से ही वह अभिनय, शास्त्रीय नृत्य और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहे। उनके अनुसार ये विविध अनुभव उन्हें रचनात्मक सोच और समस्या सुलझाने की क्षमता देने में मददगार रहे। आज वह पढ़ाई, स्टार्टअप, कंटेंट क्रिएशन और शिक्षण कार्य के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

एआई के उपयोग और जिम्मेदार नवाचार

एआई के उपयोग और दुरुपयोग पर चर्चा करते हुए राउल ने कहा कि तकनीक स्वयं अच्छा या बुरा नहीं होती, बल्कि उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है, यही असली चुनौती है। उन्होंने समिट में अपने सत्र के दौरान एआई के जिम्मेदार उपयोग, इसके लाभ और संभावित जोखिमों पर विस्तार से चर्चा करने की योजना बताई।

समिट का यादगार अनुभव

राउल ने समिट के दौरान एक प्रमुख हस्ती से मुलाकात को यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि कुछ मिनट की बातचीत ने उन्हें काफी सीखने का अवसर दिया। राउल का मानना है कि भारत की नई पीढ़ी एआई और अन्य तकनीकों का सही दिशा में उपयोग कर देश के भविष्य को और बेहतर बना सकती है।

इस युवा नवप्रवर्तक की उपलब्धियां और दृष्टिकोण भारत में एआई शिक्षा और नवाचार की दिशा में नई उम्मीद जगाते हैं।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri