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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विद्यालयों में गूंजेगा योग का संदेश, विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन करेगा विशेष प्रशिक्षण शिविर

रायपुर, 19 जून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय संस्था विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन छत्तीसगढ़ द्वारा विद्यार्थियों के बीच योग के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संस्था का उद्देश्य नई पीढ़ी को योग के महत्व से परिचित कराना तथा उन्हें स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

संस्था के अध्यक्ष डॉ. सतीश दीवान ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली, बढ़ते मानसिक तनाव, मोबाइल और इंटरनेट पर बढ़ती निर्भरता के बीच बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी विभिन्न विद्यालयों में योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें विद्यार्थियों को योग के व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक पक्षों की जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम के प्रथम चरण में 21 जून की सुबह 8 बजे पुरानी बस्ती स्थित शासकीय दानी विद्यालय, अमीनपारा में विद्यार्थियों को योग प्रशिक्षिका श्रीमती सुषमा उईके के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को योग के माध्यम से एकाग्रता बढ़ाने, तनाव कम करने और शारीरिक क्षमता विकसित करने के उपाय बताए जाएंगे।

इसके पश्चात प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक दक्षिणामूर्ति स्कूल, चंगोराभाठा में विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में सुप्रसिद्ध योग प्रशिक्षिका सुश्री संध्या जी (एनआईटी कॉलेज) तथा योग प्रशिक्षिका श्रीमती सुषमा उईके अपने प्रशिक्षक दल के साथ विद्यार्थियों को विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराएंगी। प्रशिक्षक दल द्वारा विद्यार्थियों को यह भी बताया जाएगा कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का भी विकास होता है।

संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि संपूर्ण जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाती है। भारतीय संस्कृति की इस अमूल्य धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उन्हें इसके लाभों से जोड़ने के लिए विद्यालय स्तर पर ऐसे कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन के सदस्य, पदाधिकारी एवं समाजसेवी भी उपस्थित रहेंगे। वे विद्यार्थियों को योग के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए नियमित रूप से योग करने का संकल्प भी दिलाएंगे।

डॉ. सतीश दीवान ने प्रदेशवासियों से भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि यदि बचपन से ही योग को जीवन का हिस्सा बना लिया जाए तो अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचा जा सकता है तथा एक सशक्त और स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण किया जा सकता है।

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Tarendra Dansena

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