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तमनार हिंसा: आम आदमी पार्टी ने की न्यायिक जांच की मांग, फर्जी जनसुनवाई और पुलिस अमानवीयता पर उठाए सवाल

रायपुर।  रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के खिलाफ 27 दिसंबर 2025 को हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और अमानवीय घटनाओं पर आम आदमी पार्टी (आप) ने कड़ी निंदा की है। पार्टी की जांच समिति ने सोमवार को रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कई गंभीर खुलासे किए और उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जस्टिस के नेतृत्व में न्यायिक जांच आयोग गठन की मांग की।

फर्जी जनसुनवाई से भड़की घटना, जिंदल को फायदा?

प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने आरोप लगाया कि तमनार की घटना बीजेपी नेता और उद्योगपति नवीन जिंदल जैसे लोगों को लाभ पहुंचाने की साजिश है। उन्होंने बताया कि फर्जी जनसुनवाई की सूचना सिर्फ चार दिन पहले दी गई, जिसमें 12-15 जिंदल समर्थक ही शामिल हुए। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद 11 दिसंबर से CHP चौक पर आर्थिक नाकाबंदी शुरू हो गई।

27 दिसंबर को महिला टीआई के नेतृत्व में जिंदल की कोयला गाड़ियां पास कराई जा रही थीं, जिसका विरोध हुआ। इसी दौरान लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मिश्रा ने खुलासा किया कि जिंदल की कोयला ट्रक से 70 वर्षीय बुजुर्ग घायल हुए, जिनकी 4 जनवरी 2026 को मौत हो गई, लेकिन इस पर चुप्पी साध ली गई। उल्टा, निर्दोष युवक चिनैश खमारी और कीर्ति श्रीवास को फंसाया गया। सोमवार को ग्रामीण और आप कार्यकर्ता थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपेंगे।

पार्टी की प्रमुख मांगें

रायगढ़ जिलाध्यक्ष गोपाल बापोड़िया ने मांग की कि तमनार हिंसा की निष्पक्ष जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस के नेतृत्व में आयोग बने और फर्जी जनसुनवाई निरस्त हो।

पार्टी ने ये मांगें भी रखीं:

  • जेल में बंद निर्दोष छात्रों सहित सभी की रिहाई।
  • महिलाओं और पुलिसकर्मी दोनों के साथ हुए अत्याचार की जांच।
  • अक्टूबर जनसुनवाई में शामिल साक्ष्यों की भूमिका की पड़ताल।
  • ओपी चौधरी को जंगल साफ करने का ठेका रद्द।
  • आप का कहना है कि ऐसी निष्पक्ष जांच से जनता का न्यायिक संस्थाओं और सरकार पर विश्वास बहाल होगा।

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Tarendra Dansena

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