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रायगढ़ में HIV संक्रमण के बढ़ते मामले चिंता का विषय, दो बच्चे नशीले इंजेक्शन की साझा सुई से संक्रमित

रायगढ़। जिले में एचआईवी (HIV) संक्रमण के नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल और मई 2026 के दौरान जिले में 18 नए एचआईवी संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है। इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं, जो प्रारंभिक जांच में नशीले इंजेक्शन के लिए इस्तेमाल की गई साझा सुई (नीडल) के कारण संक्रमित पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की श्रृंखला का पता लगाने के लिए व्यापक स्तर पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग अभियान शुरू कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रायगढ़ जिले में पिछले कुछ वर्षों से युवाओं और नाबालिगों के बीच नशीले इंजेक्शनों के उपयोग की प्रवृत्ति चिंताजनक रूप से बढ़ी है। कई मामलों में यह देखा गया है कि नशे के आदी लोग एक ही सुई का बार-बार और सामूहिक उपयोग करते हैं, जिससे एचआईवी समेत कई गंभीर संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। पुलिस द्वारा पूर्व में ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है, जो युवाओं और किशोरों को आसानी से नशीले इंजेक्शन उपलब्ध करा रहे थे।

दो बच्चों के संक्रमित मिलने से बढ़ी चिंता

अप्रैल और मई के दौरान सामने आए 18 नए मामलों में दो बच्चों का शामिल होना स्वास्थ्य विभाग के लिए विशेष चिंता का विषय बन गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों बच्चे नशे के लिए उपयोग किए जाने वाले इंजेक्शन की साझा सुई के संपर्क में आए थे। हालांकि विभाग द्वारा विस्तृत जांच जारी है और संक्रमण के वास्तविक स्रोतों की पुष्टि की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नशीले पदार्थों के सेवन के दौरान साझा नीडल का इस्तेमाल एचआईवी संक्रमण फैलने का एक बड़ा कारण बन सकता है। संक्रमित व्यक्ति के रक्त के अंश सुई में रह जाने पर वही सुई दूसरे व्यक्ति के शरीर में संक्रमण पहुंचा सकती है।

शुरू हुई कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग

नए मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी जांच कराना है, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके। विभाग संभावित संक्रमितों की समय पर जांच और परामर्श की व्यवस्था भी कर रहा है।

सभी नए मरीजों को एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (ART) सेंटर से जोड़ा गया है, जहां उनका नियमित उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर इलाज शुरू होने से एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी सामान्य और लंबा जीवन जी सकता है।

पांच वर्षों में 746 मरीजों की पहचान

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2021 से लेकर अब तक रायगढ़ जिले में कुल 746 एचआईवी संक्रमित मरीजों की पहचान की जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जिले में संक्रमण की रोकथाम के लिए जागरूकता और निगरानी की आवश्यकता लगातार बनी हुई है।

विभाग द्वारा समय-समय पर एचआईवी जांच शिविर, परामर्श कार्यक्रम और उपचार सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद नए मामलों का सामने आना चिंता का विषय माना जा रहा है।

संक्रमण कैसे फैलता है?

जिला एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत के अनुसार एचआईवी संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित मां से बच्चे में, एक ही नीडल या सिरिंज के बार-बार उपयोग तथा असुरक्षित यौन संबंधों के माध्यम से फैलता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य संपर्क, साथ बैठने, भोजन साझा करने या हाथ मिलाने से एचआईवी नहीं फैलता।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से नशीले इंजेक्शनों के इस्तेमाल से दूर रहने, किसी भी परिस्थिति में साझा सुई का उपयोग नहीं करने तथा सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि एचआईवी के प्रति जागरूकता, समय पर जांच और नियमित उपचार ही संक्रमण को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं और किशोरों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति केवल कानून-व्यवस्था का ही नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती का भी विषय बनती जा रही है। ऐसे में समाज, परिवार, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ी को इस खतरे से बचाया जा सके।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena