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IMF रिपोर्ट पर सियासत तेज: विश्वगुरु के नारों के बीच भारत आर्थिक रैंकिंग में फिसला-विपक्ष का भाजपा सरकार पर तीखा हमला

रायपुर । अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की हालिया रिपोर्ट को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। रिपोर्ट में भारत के नॉमिनल जीडीपी (Nominal GDP) के आधार पर वैश्विक रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुंचने के बाद विपक्ष ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार ने वर्षों तक “विश्वगुरु”, “अमृतकाल” और “पांच ट्रिलियन इकोनॉमी” जैसे बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन जमीनी आर्थिक स्थिति आज उन दावों की वास्तविकता सामने ला रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता अनादि शुक्ला ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार की अदूरदर्शी, खोखली और प्रचार आधारित नीतियों के कारण भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के पायदान से फिसलकर छठे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने वास्तविक आर्थिक सुधारों की बजाय केवल इवेंट मैनेजमेंट, विज्ञापनों और राजनीतिक ब्रांडिंग पर ध्यान दिया। उनके अनुसार, “जो सरकार खुद की पीठ थपथपाने और देश को झूठे सुनहरे सपने दिखाने में व्यस्त थी, उसने आज देश को वैश्विक मंच पर पीछे धकेल दिया है।”

अनादि शुक्ला ने कहा कि देश का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, महंगाई लगातार आम लोगों की कमर तोड़ रही है और छोटे व्यापारी आर्थिक दबाव में टूट रहे हैं, लेकिन सरकार केवल आंकड़ों की बाजीगरी और छवि निर्माण में लगी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक नीतियों का लाभ केवल चुनिंदा बड़े पूंजीपतियों तक सीमित रहा, जबकि मध्यम वर्ग और गरीब तबका लगातार आर्थिक संकट झेल रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब देश को “गुमराह करने की राजनीति” बंद होनी चाहिए और सरकार को इस आर्थिक गिरावट की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि “कैमरों की चमक और भव्य आयोजनों से अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होती, बल्कि मजबूत नीतियों, रोजगार सृजन और जनता की क्रय शक्ति बढ़ाने से देश आगे बढ़ता है।”

वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी विपक्ष ने आड़े हाथों लिया। अनादि शुक्ला ने कहा कि वित्त मंत्री को “हेडलाइंस मैनेज” करना बंद कर देश को यह बताना चाहिए कि उनके “घोर मिसमैनेजमेंट” के कारण भारत को जो वैश्विक आर्थिक झटका लगा है, उसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर आत्मप्रशंसा में लगी रही, लेकिन आज अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों ने आर्थिक मोर्चे पर वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है।

हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि यह केवल वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, मुद्रा विनिमय दरों और तकनीकी गणना का प्रभाव है। सरकार का दावा है कि भारत आज भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आने वाले वर्षों में देश पुनः मजबूत आर्थिक स्थिति हासिल करेगा। बावजूद इसके, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को लगातार घेरने में जुटा हुआ है और इसे “आर्थिक प्रबंधन की विफलता” बता रहा है।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena