Skip to content

पेट्रोल-डीजल की चिंता में डूबा छत्तीसगढ़, जनता की बेचैनी के बीच सरकार के दावे

कांग्रेस प्रवक्ता अनादी शुक्ला ने कहा -जब जनता डर में जी रही हो, तब केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं होता

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली बेचैनी अब आम लोगों की चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं, लोग घंटों इंतजार कर टंकियां फुल कराने में लगे हैं और बाजारों में संभावित संकट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। महंगाई से पहले ही परेशान जनता के बीच ईंधन संकट की आशंका ने भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। किसान, ट्रांसपोर्टर, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्गीय परिवार आने वाले दिनों को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं।

इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा घबराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन ज़मीन पर दिखाई दे रहे हालात सरकार के इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अनादी शुक्ला ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “जब जनता डर में जी रही हो, तब केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं होता। सरकार का काम केवल बयान देना नहीं, बल्कि जनता के बीच भरोसा कायम करना होता है।” उन्होंने कहा कि यदि स्थिति वास्तव में सामान्य है तो फिर लोग पेट्रोल पंपों पर घंटों लाइन में खड़े क्यों हैं और पूरे प्रदेश में इतना भय का माहौल क्यों बना हुआ है।

अनादी शुक्ला ने कहा कि पेट्रोल-डीजल केवल ईंधन नहीं बल्कि आम आदमी की जिंदगी की रीढ़ है। एक ऑटो चालक की रोजी-रोटी, किसान की खेती, ट्रक चालक का परिवार और छोटे व्यापारियों का काम इसी पर निर्भर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की भावनाओं और परेशानियों को समझने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि आज एक मजदूर अपनी मजदूरी छोड़कर पेट्रोल के लिए लाइन में खड़ा है, महिलाएं घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच ईंधन की चिंता में भटक रही हैं और आम नागरिक आने वाली महंगाई से डरा हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बढ़ती ईंधन कीमतों का असर केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन महंगा होने से राशन, सब्जियां, फल,दूध और रोजमर्रा की हर वस्तु की कीमत प्रभावित होती है। कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि सरकार प्रदेशभर में ईंधन आपूर्ति की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे, अफवाह और कृत्रिम संकट फैलाने वालों पर कार्रवाई करे तथा जनता के बीच विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए।

ख़बर शेयर करें:

Description of the image
Kanha Shastri

Kanha Shastri