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PCC चीफ दीपक बैज का बजट पर तंज, बोले -ज्ञान और गति की दुर्गति के बाद संकल्प का नया जुमला”

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आज पेश किए गए राज्य बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “ज्ञान और गति की असफलता के बाद संकल्प का नया जुमला” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में विफल रहा है और जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आता है।

बैज ने वित्त मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि उनका बजट भाषण “हाई स्कूल के छात्र की कल्पनाओं” जैसा प्रतीत हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर और सरगुजा के विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन उन्हें पूरा करने के ठोस प्रावधान नजर नहीं आए।

रोजगार और शिक्षा पर सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पिछले बजट में घोषित 20 हजार शिक्षकों की भर्ती पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अब तक कितनी नियुक्तियां हुईं। उन्होंने भाजपा के विधानसभा चुनावी वादे पांच साल में एक लाख युवाओं को नौकरी पर भी चुप्पी साधने का आरोप लगाया।

बैज के अनुसार बजट में:

नए स्कूल और महाविद्यालय खोलने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। कौशल उन्नयन और सिंचाई परियोजनाओं पर ठोस पहल का अभाव है। महिला स्व-सहायता समूहों के रोजगार विस्तार के लिए कोई ठोस योजना नहीं दिखी।

उन्होंने कहा कि रमन सिंह सरकार के 15 वर्षों से लेकर विष्णु साय सरकार के तीन बजट तक मेट्रो ट्रेन का सर्वे ही कराया जा रहा है, लेकिन जमीनी प्रगति नहीं हुई।

बिजली, उद्योग और कर्मचारी मुद्दे

बैज ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मात्र 80 करोड़ रुपये के प्रावधान को 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना बंद करने का संकेत बताया। उद्योगों के लिए लैंड बैंक तैयार करने की घोषणा को किसानों की जमीन अधिग्रहण की मंशा से जोड़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

डीएड अभ्यर्थियों की भर्ती पर स्पष्टता नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और रसोइया संघ के लिए कोई राहत नहीं। 56 हजार शिक्षकों के खाली पदों को भरने का प्रावधान नहीं। अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण पर चुप्पी।

भर्ती परीक्षा एजेंसी को मजबूत करने की घोषणा पर भी उन्होंने सवाल उठाया और पूछा कि एक वर्ष में कितनी नौकरियां दी जाएंगी, इस पर सरकार ने कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं दिया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अंत में कहा कि यह बजट “संकल्प” के नाम पर घोषणाओं का पुलिंदा है, लेकिन युवाओं, किसानों, महिलाओं और कर्मचारियों के लिए ठोस राहत देने में नाकाम रहा है।

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Tarendra Dansena

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