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‘संरक्षित क्षेत्र’ के आदेश के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, नगेंद्र नेगी ने दी बड़े जनआंदोलन की चेतावनी

रायगढ़, 2 सितंबर। जिले की प्रमुख कोयला खदानों और पावर प्लांट क्षेत्रों को ‘संरक्षित क्षेत्र’ घोषित किए जाने के जिला प्रशासन के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष नगेंद्र नेगी ने प्रशासन के इस आदेश को लोकतांत्रिक अधिकारों और आम जनता की आवाज को दबाने वाला बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। नेगी ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस ग्रामीणों और किसानों के साथ मिलकर बड़ा जनआंदोलन करेगी।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेगी ने तलाईपल्ली एनटीपीसी, अडानी पावर के छोटेभंडार-बड़ेभंडार, जिंदल पावर तमनार और एसईसीएल छाल क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन और वीडियोग्राफी पर रोक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की आड़ में ग्रामीणों और किसानों की आवाज दबाना उचित नहीं है। कांग्रेस ने प्रशासन से इस आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

DMF के खर्च पर श्वेत पत्र की मांग

खनन प्रभावित क्षेत्रों में जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि के उपयोग को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। नगेंद्र नेगी ने कहा कि करोड़ों रुपये की राशि का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास करना है, लेकिन कई गांव आज भी पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने DMF की राशि के आवंटन और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने तथा इस पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

स्थानीय युवाओं के रोजगार का मांगा हिसाब

कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने जिले की औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में बड़े पैमाने पर खदानें और पावर प्लांट संचालित होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को पर्याप्त स्थायी रोजगार नहीं मिल रहा है। डनसेना ने आरोप लगाया कि स्थानीय युवाओं को अधिकतर ठेका और अस्थायी रोजगार तक सीमित रखा जा रहा है, जबकि महत्वपूर्ण पदों पर बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए किसानों और आदिवासियों की जमीनें ली गईं, लेकिन प्रभावित परिवारों के बच्चों को स्थायी रोजगार का पर्याप्त लाभ नहीं मिला। कांग्रेस ने प्रशासन और संबंधित कंपनियों से स्थानीय रोजगार का पूरा आंकड़ा सार्वजनिक करने की मांग की है।

जर्जर सड़कों और प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया

कांग्रेस ने तमनार, घरघोड़ा, छाल, पुसौर, खरसिया और धरमजयगढ़ क्षेत्र में भारी वाहनों से खराब हो रही सड़कों तथा बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया। नेगी ने कहा कि उड़ती धूल और प्रदूषण के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सड़कों के गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

नगेंद्र नेगी ने कहा कि रोजगार, जमीन, पर्यावरण और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ‘संरक्षित क्षेत्र’ संबंधी आदेश वापस नहीं लिया गया और कांग्रेस की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी ग्रामीणों और किसानों के साथ सड़क पर उतरकर व्यापक जनआंदोलन करेगी।

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Tarendra Dansena

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