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दुरंतो एक्सप्रेस में करीब 2 करोड़ का विदेशी सोना बरामद, जूतों में छिपाकर ले जा रहे थे तस्कर

सात सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद, दो संदिग्ध गिरफ्तार; RPF क्राइम ब्रांच और DRI की संयुक्त कार्रवाई से खुला तस्करी का मामला

रायपुर। रेलवे मार्ग से विदेशी सोने की तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में कार्रवाई करते हुए RPF क्राइम ब्रांच की टीम ने करीब 2 करोड़ रुपये कीमत का विदेशी सोना बरामद किया है। तस्करी के लिए सोने को बेहद शातिराना तरीके से जूतों में छिपाकर ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान टीम ने सात सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद की है। बरामद सोने का कुल वजन लगभग 1.242 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 96 लाख रुपये से अधिक है।

गुप्त सूचना के बाद ट्रेन में शुरू हुई निगरानी

जानकारी के अनुसार, RPF क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि दुरंतो एक्सप्रेस के जरिए दो व्यक्ति बड़ी मात्रा में विदेशी सोना लेकर यात्रा कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने संदिग्ध यात्रियों पर नजर रखना शुरू किया। ट्रेन के निर्धारित मार्ग पर निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्धों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।

जांच के दौरान ट्रेन संख्या 12262 दुरंतो एक्सप्रेस के एक कोच में दो संदिग्ध यात्रियों की पहचान की गई। टीम ने दोनों को रोककर पूछताछ की और उनके सामान की जांच शुरू की। तलाशी के दौरान उनके जूतों को लेकर संदेह हुआ। जब जूतों की बारीकी से जांच की गई तो उसके भीतर छिपाकर रखा गया सोना बरामद हुआ।

जूतों में छिपाए थे सोने के बिस्किट

तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए सोने को सामान्य सामान की तरह दिखाने का प्रयास किया था। इसके लिए सोने के बिस्किट और छड़ को जूतों के भीतर छिपाया गया था। तलाशी में कुल सात सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद हुई।

बरामद सोने का वजन करीब 1.242 किलोग्राम पाया गया। बाजार मूल्य के आधार पर इसकी कीमत लगभग 1.96 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी सोना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियों और जांच अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ

सोना बरामद होने के बाद दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सोने से संबंधित दस्तावेज और वैध स्रोत के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर मामले को गंभीरता से लिया गया। RPF ने बरामद सोना और दोनों संदिग्धों को आगे की जांच के लिए DRI नागपुर के अधिकारियों को सौंप दिया।

DRI अब यह पता लगाने में जुटी है कि विदेशी सोना भारत में कहां से पहुंचा और इसे ट्रेन के जरिए किस स्थान तक ले जाया जा रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दोनों आरोपी स्वयं इस नेटवर्क का हिस्सा थे या उन्हें केवल सोना पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका

करीब दो करोड़ रुपये मूल्य के विदेशी सोने की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। अक्सर तस्करी के मामलों में वाहक अलग-अलग माध्यमों से सोना एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं, जबकि वास्तविक संचालक पर्दे के पीछे रहते हैं।

इसी को देखते हुए DRI द्वारा आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों, यात्रा विवरण और पिछले यात्रा रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपियों ने इससे पहले भी इस तरह की कोई यात्रा की थी या नहीं और उनके संपर्क किन लोगों से रहे हैं।

सीमा पार से आने वाले विदेशी सोने पर एजेंसियों की नजर

विदेशी सोने की तस्करी को रोकने के लिए देशभर में कस्टम, DRI, RPF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। तस्कर अक्सर सोने को कपड़ों, जूतों, बैग, इलेक्ट्रॉनिक सामान और शरीर के विभिन्न हिस्सों में छिपाकर ले जाने का प्रयास करते हैं। रेलवे मार्ग भी तस्करों के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बनता है, क्योंकि लंबी दूरी की ट्रेनों में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं।

दुरंतो एक्सप्रेस में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे नए-नए तरीकों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है।

आगे की जांच में खुलेगा पूरा नेटवर्क

फिलहाल DRI द्वारा बरामद सोने की जांच, उसकी उत्पत्ति और आरोपियों के कथित नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोना किस देश से भारत में आया था, इसे किस व्यक्ति ने उपलब्ध कराया और अंतिम रूप से इसकी डिलीवरी कहां की जानी थी।

करीब 2 करोड़ रुपये के विदेशी सोने की यह बरामदगी रेलवे सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। अब निगाहें DRI की आगे की जांच पर हैं, जिससे इस पूरे तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके पीछे मौजूद मुख्य संचालकों का पता चलने की उम्मीद है।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri