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खाली बर्थ की अवैध बिक्री पर कलकत्ता हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा-सब्जियों की तरह बेची जा रही हैं सीटें रेलवे को कड़ी कार्रवाई के निर्देश

कोलकाता। ट्रेनों में यात्रियों से पैसे लेकर खाली बर्थ उपलब्ध कराने की कथित अनियमितताओं पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए रेलवे प्रशासन को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि कुछ मामलों में ट्रेन के टीटीई (Travelling Ticket Examiner) खाली बर्थ का आवंटन इस तरह करते हैं, जैसे बाजार में सब्जियां बेची जा रही हों। हाईकोर्ट ने इस प्रवृत्ति को न केवल भ्रष्टाचार का मामला बताया, बल्कि इसे यात्रियों की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ गंभीर मुद्दा माना।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि ट्रेनों में बिना उचित प्रक्रिया के खाली बर्थ बेचने की प्रवृत्ति कई आपराधिक घटनाओं को भी बढ़ावा देती है। विशेष रूप से ऐसे मामलों में, जहां अपराधी यात्रियों को नशीला पदार्थ खिलाकर उनका सामान लूट लेते हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि जब अनधिकृत तरीके से सीटें उपलब्ध कराई जाती हैं, तो अपराधी भी आसानी से ट्रेनों में यात्रा कर अपनी वारदातों को अंजाम दे पाते हैं।

हाईकोर्ट ने रेलवे प्रशासन से कहा कि टीटीई द्वारा सीटों के आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ पैसे लेकर बर्थ आवंटित करने के आरोप सिद्ध होते हैं, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। अदालत ने यह भी कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाए।

अदालत की इस टिप्पणी के बाद रेलवे में सीट आवंटन प्रणाली और टीटीई की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। लंबे समय से यात्रियों की ओर से यह शिकायत सामने आती रही है कि प्रतीक्षा सूची (वेटिंग) वाले यात्रियों से अतिरिक्त रकम लेकर खाली बर्थ उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि कई बार वास्तविक जरूरतमंद यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पाता।

यात्रियों और उपभोक्ता संगठनों का मानना है कि यदि सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और निगरानीयुक्त बनाई जाए तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो, तो इस प्रकार की अनियमितताओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

कलकत्ता हाईकोर्ट की यह सख्त टिप्पणी रेलवे प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश मानी जा रही है कि यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सभी की नजर रेलवे द्वारा उठाए जाने वाले ठोस कदमों पर है।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena