Skip to content

खाद-बीज, यूरिया और कृषि संकट को लेकर किसान कांग्रेस करेगी कलेक्टोरेट घेराव

11 जून को मिनी माता चौक से निकलेगी किसान रैली, राज्यपाल के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन

रायगढ़, 9 जून 2026। जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर किसान कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। किसान कांग्रेस रायगढ़ द्वारा जारी सूचना के अनुसार आगामी 11 जून 2026, गुरुवार को किसानों की विभिन्न मांगों और कृषि संकट के मुद्दों को लेकर विशाल किसान रैली निकाली जाएगी तथा कलेक्टोरेट का घेराव कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देवानंद पटेल द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को दिए गए पत्र में बताया गया है कि जिले के किसान लंबे समय से खाद, बीज, डीजल, यूरिया, डीएपी और अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता तथा कृषि संबंधी अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं। खेती-किसानी के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को आवश्यक संसाधन समय पर नहीं मिलने से उनकी चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर किसान कांग्रेस ने आंदोलन का निर्णय लिया है।

पत्र के अनुसार 11 जून को सुबह 10:30 बजे मिनी माता चौक में जिले भर के किसान एकत्रित होंगे। इसके बाद किसान शांतिपूर्ण रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचेंगे और वहां राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे। किसान कांग्रेस का कहना है कि खेती का मौसम शुरू होने के बावजूद किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद और उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे आगामी फसल चक्र प्रभावित होने की आशंका है।

किसान कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि किसानों को बार-बार आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद और बीज की उपलब्धता, कृषि आदानों की बढ़ती कीमतें तथा किसानों को समय पर आवश्यक सुविधाएं न मिलना गंभीर चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में किसानों की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए यह आंदोलन आयोजित किया जा रहा है।

संगठन ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और कानून व्यवस्था के दायरे में आयोजित किया जाएगा तथा प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। आंदोलन की सूचना स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस को भी दे दी गई है।

किसान कांग्रेस ने जिले के किसानों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा है कि यह संघर्ष केवल किसी एक संगठन का नहीं बल्कि खेती-किसानी और किसान हितों की रक्षा का आंदोलन है। संगठन का दावा है कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

ख़बर शेयर करें:

Description of the image
Tarendra Dansena

Tarendra Dansena