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3 महीने में ₹89 महंगा हुआ रसोई गैस सिलेंडर, रायपुर में कीमत ₹1000 के पार; आम जनता पर बढ़ी महंगाई की मार

रायपुर। देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इसके साथ ही कई शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹1000 के करीब पहुंच गई है, जबकि कुछ स्थानों पर यह आंकड़ा पार भी कर चुकी है।

ताजा बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर ₹913 से बढ़कर ₹942 का हो गया है। वहीं रायपुर में इसकी कीमत ₹984 से बढ़कर ₹1013 पहुंच गई है। पटना में उपभोक्ताओं को अब एक सिलेंडर के लिए ₹1040 चुकाने होंगे, जो देश के प्रमुख शहरों में सबसे अधिक कीमतों में शामिल है।

बड़े शहरों में नई कीमतें

नई दरों के अनुसार कोलकाता में सिलेंडर ₹968, चेन्नई में ₹957.50, भोपाल में ₹947.50, जयपुर में ₹945.50 और मुंबई में ₹941.50 का हो गया है। सभी प्रमुख शहरों में एक समान ₹29 की वृद्धि की गई है।

तीन महीने में दूसरी बढ़ोतरी

घरेलू गैस की कीमतों में यह पिछले तीन महीनों के भीतर दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 7 मार्च को सरकार ने सिलेंडर के दामों में ₹60 की वृद्धि की थी। अब ₹29 की नई बढ़ोतरी के साथ तीन महीने के भीतर घरेलू एलपीजी सिलेंडर कुल ₹89 महंगा हो चुका है। लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।

तेल कंपनियों ने बताई वजह

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और घरेलू बिक्री पर हो रहे नुकसान के कारण दाम बढ़ाने पड़े हैं। कंपनियों का दावा है कि प्रत्येक घरेलू सिलेंडर पर उन्हें लगभग ₹703 का नुकसान उठाना पड़ रहा था। हालांकि हालिया बढ़ोतरी के बाद भी नुकसान की केवल आंशिक भरपाई ही हो पाएगी।

छोटे सिलेंडर भी हुए महंगे

14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के साथ-साथ 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी ₹11 की वृद्धि की गई है। इसके बाद इसकी कीमत बढ़कर ₹821.50 हो गई है। छोटे सिलेंडरों का उपयोग करने वाले निम्न आय वर्ग के परिवारों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।

पेट्रोल, डीजल और CNG ने भी बढ़ाई चिंता

एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी हाल के महीनों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। मई महीने में पेट्रोल और डीजल के दाम कुल मिलाकर लगभग ₹7.50 प्रति लीटर बढ़ चुके हैं, जबकि सीएनजी करीब ₹6 प्रति किलो महंगी हुई है। तेल कंपनियों का कहना है कि पेट्रोल पर लगभग ₹11 प्रति लीटर और डीजल पर ₹33.6 प्रति लीटर तक का नुकसान हो रहा है।

सरकार का पक्ष

सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा कीमतों में आई वृद्धि का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है। सरकारी तेल कंपनियां लागत का एक हिस्सा स्वयं वहन कर रही हैं। इसके बावजूद लगातार बढ़ती ईंधन और रसोई गैस की कीमतों ने महंगाई को लेकर बहस तेज कर दी है।

विपक्ष को मिला मुद्दा

घरेलू गैस, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के बीच विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि महंगाई ने आम परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है और रसोई चलाना लगातार महंगा होता जा रहा है। वहीं सरकार का तर्क है कि वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ती ऊर्जा लागत के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।

लगातार बढ़ती ईंधन और गैस कीमतों के बीच अब आम लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले महीनों में राहत मिलेगी या महंगाई का दबाव और बढ़ेगा।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena