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राजनीतिक दबाव: अंतागढ़ में विकास कार्य ठप, 27 सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा

अंतागढ़ । कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र में विकास कार्यों के ठप पड़ने और प्रशासनिक उपेक्षा के विरोध में बड़ा राजनीतिक और जनआंदोलन खड़ा हो गया है। क्षेत्र की 56 पंचायतों के सरपंच पिछले तीन दिनों से स्थानीय गांधी चौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इसी बीच 27 सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है।

फोटो: सांकेतिक

सरपंचों का आरोप है कि पिछले एक वर्ष से पंचायतों में सड़क, नाली, पेयजल, सामुदायिक भवन और अन्य मूलभूत विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हैं। कई प्रस्ताव और निर्माण कार्य लंबित पड़े हुए हैं, लेकिन शासन-प्रशासन लगातार अनदेखी कर रहा है। धरने पर बैठे जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास पूरी तरह रुक चुका है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।

इस पूरे मामले में क्षेत्रीय विधायक और सांसद की चुप्पी भी सवालों के घेरे में आ गई है। विभिन्न विपक्षी दलों के नेता भी धरना स्थल पहुंचकर सरपंचों के आंदोलन को समर्थन दे चुके हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

सरपंचों ने प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन नहीं दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि गांवों के विकास को जानबूझकर रोका जा रहा है, जिससे ग्रामीण जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

धरना दे रहे सरपंचों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena