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खरसिया के छोटे देवगांव में सार्वजनिक पानी टंकी पर निजी कंपनी के प्रचार से ग्रामीणों में आक्रोश

खरसिया । खरसिया क्षेत्र के ग्राम पंचायत छोटे देवगांव में इन दिनों एक सरकारी पानी टंकी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव में जनहित और पेयजल व्यवस्था के उद्देश्य से निर्मित सार्वजनिक पानी टंकी पर निजी कंपनी Adani Cement का बड़ा प्रचार-प्रसार किए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिस टंकी का निर्माण जनता की सुविधा और सरकारी योजनाओं के तहत किया गया था, उसे अब निजी कंपनी के विज्ञापन का माध्यम बना दिया गया है। गांव के लोगों ने इस पूरे मामले को सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण की ओर बढ़ता कदम बताते हुए प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिना ग्रामसभा की सहमति और ग्रामीणों को जानकारी दिए सार्वजनिक पानी टंकी पर कंपनी का नाम और प्रचार सामग्री प्रदर्शित की गई। लोगों का सवाल है कि आखिर किस विभाग या अधिकारी की अनुमति से सरकारी संपत्ति का उपयोग निजी कंपनी की ब्रांडिंग के लिए किया गया। ग्रामीणों ने इसे जनभावनाओं और सरकारी व्यवस्था दोनों का अपमान बताया है।

गांव के युवाओं और बुजुर्गों का कहना है कि छोटे देवगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में आज भी कई मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं। कई स्थानों पर सड़कें जर्जर हैं, पेयजल संकट की स्थिति बनी रहती है और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही है। ऐसे में प्रशासन यदि जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय कंपनियों के प्रचार को प्राथमिकता देता नजर आए, तो इससे लोगों में असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी निजी कंपनी को प्रचार-प्रसार करना है तो उसके लिए निजी भूमि और संसाधन उपलब्ध हैं, लेकिन सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि अभी इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में पंचायत भवन, सामुदायिक भवन और अन्य सरकारी संसाधनों पर भी निजी कंपनियों का प्रभाव बढ़ सकता है।

मामले को लेकर गांव में लगातार चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और पानी टंकी से कंपनी का प्रचार तत्काल हटाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। अब गांव और आसपास के इलाकों में एक ही सवाल गूंज रहा है-या जनता की संपत्तियों पर अब निजी कंपनियों का प्रभाव बढ़ता जाएगा और प्रशासन मूकदर्शक बना रहेगा?

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Kanha Shastri

Kanha Shastri