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उपसरपंचों ने उठाई “सम्मान” की मांग, मानदेय में 1 रुपये बढ़ाकर 501 करने का ज्ञापन सौंपा

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय को लेकर एक अनोखा मामला सामने आया है। जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत हरदी के उपसरपंच संघ ने उपसरपंचों के मानदेय में मात्र 1 रुपये की बढ़ोतरी की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। यह मांग अब चर्चा का विषय बन गई है और स्थानीय स्तर पर इसे सम्मान तथा व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनसमस्या निवारण शिविर में सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि वर्तमान में पंचायत पंच और उपसरपंच दोनों का मानदेय 500 रुपये निर्धारित है। उपसरपंचों का कहना है कि पंचायत व्यवस्था में उनकी जिम्मेदारियां पंचों की तुलना में अधिक होती हैं, लेकिन मानदेय समान होने से पद की गरिमा प्रभावित होती है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि उपसरपंचों का मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 501 रुपये किया जाए, ताकि यह अंतर “सम्मानजनक पहचान” का प्रतीक बन सके। आवेदन में उल्लेख किया गया कि यह बढ़ोतरी आर्थिक लाभ से अधिक सम्मान और पद की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय है।

आवेदन पत्र में अध्यक्ष उपसरपंच संघ एवं ग्राम पंचायत हरदी के उपसरपंच रूपनाथ बजारे के हस्ताक्षर भी हैं। ज्ञापन की प्रति अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है, जिस पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे पंचायत प्रतिनिधियों की उपेक्षा का प्रतीक बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यवस्था पर व्यंग्य के रूप में देख रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत स्तर पर कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों को लंबे समय से पर्याप्त सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यह मांग भले ही “एक रुपये” की हो, लेकिन इसके पीछे व्यवस्था के प्रति नाराजगी और पहचान की भावना छिपी हुई है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह आवेदन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri