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बंगाल में सत्ता संग्राम: शुरुआती रुझानों में भाजपा को बढ़त, भवानीपुर में ममता पीछे

भवानीपुर । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना ने राज्य की राजनीति में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। 294 में से 293 सीटों पर सोमवार सुबह से मतगणना जारी है, जबकि फालता विधानसभा सीट पर निर्वाचन आयोग ने पुनर्मतदान के आदेश दिए हैं। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है और कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर मुकाबला बेहद रोमांचक बना हुआ है।  

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार भाजपा 150 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि तृणमूल कांग्रेस दूसरे स्थान पर दिखाई दे रही है। यह रुझान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 2021 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी ने भारी बहुमत हासिल किया था। इस बार शुरुआती तस्वीर सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं को बल देती नजर आ रही है।

सबसे अधिक चर्चा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट को लेकर हो रही है। शुरुआती रुझानों में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को बढ़त मिलती दिखाई दी। भवानीपुर को टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, इसलिए यहां के रुझानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। वहीं नंदीग्राम के बाद एक बार फिर ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक संघर्ष को बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है।  

इस चुनाव में आरजी कर अस्पताल कांड भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। पानीहाटी सीट पर रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को शुरुआती बढ़त मिलने की खबर ने चुनावी माहौल को और भावनात्मक बना दिया है। भाजपा ने इस मुद्दे को पूरे चुनाव में जोरदार तरीके से उठाया था और अब उसके राजनीतिक असर भी दिखाई देने लगे हैं।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार का असर भी कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। झाड़ग्राम क्षेत्र, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान झालमुड़ी खाई थी, वहां की चार प्रमुख सीटों झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम में भाजपा बढ़त बनाए हुए बताई जा रही है। भाजपा इसे जनसमर्थन और संगठनात्मक मजबूती का संकेत मान रही है।  

मतगणना के बीच पूरे पश्चिम बंगाल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने 77 काउंटिंग सेंटरों को सुरक्षा घेरे में रखा है और बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। चुनाव आयोग को आशंका है कि नतीजों के बाद कुछ संवेदनशील इलाकों में तनाव की स्थिति बन सकती है।  

दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में भी जश्न का माहौल दिखाई देने लगा है। शुरुआती रुझानों के बाद पार्टी कार्यालय में मिठाइयों और पूरियों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम नतीजों तक तस्वीर पूरी तरह बदल भी सकती है, क्योंकि बंगाल की राजनीति में आखिरी दौर तक उतार-चढ़ाव देखने को मिलते रहे हैं।  

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Kanha Shastri

Kanha Shastri