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विद्युत कर्मियों के लिए डंगनिया औषधालय में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 117 लोगों ने उठाया लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए डंगनिया औषधालय में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर में बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) जांच के साथ-साथ न्यूरोलॉजिकल एवं आर्थोपेडिक समस्याओं के लिए विशेषज्ञ परामर्श की व्यापक व्यवस्था की गई। जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन-तीनों इकाइयों से जुड़े विद्युत कर्मियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस सुविधा का लाभ उठाया।

शिविर का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में बढ़ती हड्डी संबंधी और नसों से जुड़ी बीमारियों की समय रहते पहचान करना और उन्हें उचित उपचार के प्रति जागरूक करना था। आधुनिक जीवनशैली, लंबे समय तक ड्यूटी, शारीरिक श्रम और तनाव के कारण कर्मचारियों में पीठ दर्द, गर्दन दर्द, हाथ-पैरों में सुन्नपन, जोड़ों में जकड़न जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह शिविर आयोजित किया गया, जहां मरीजों की विस्तृत जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह प्रदान की गई।

डंगनिया औषधालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच. एल. पंचारी ने बताया कि शिविर में बीएमडी जांच के माध्यम से हड्डियों की घनत्व स्थिति का आकलन किया गया, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी की समय रहते पहचान संभव हो सकी। इसके अलावा न्यूरो संबंधित समस्याओं के लिए भी विशेष जांच एवं परामर्श दिया गया, जिससे कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति का स्पष्ट अंदाजा मिल सका।

इस शिविर में कुल 117 लोगों जिनमें अधिकारी, कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मी (पेंशनर्स) एवं उनके आश्रित परिवारजन शामिल थे ने निःशुल्क परीक्षण एवं परामर्श की सुविधा प्राप्त की। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और ऐसे आयोजनों की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है।

विशेषज्ञ सेवाओं के अंतर्गत न्यूरो सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. प्रफुल्ल महाकालकर (एमबीबीएस, एमएस, एमसीएच) एवं आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी (एमबीबीएस, एमएस) ने मरीजों की जांच कर उन्हें विस्तृत परामर्श दिया। दोनों विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को जीवनशैली में सुधार, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी, ताकि गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सके।

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंदू साहू एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्वेता जैन की उपस्थिति भी रही, जिन्होंने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संपूर्ण आयोजन सुव्यवस्थित एवं अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ, जिससे प्रतिभागियों को बिना किसी असुविधा के सेवाएं प्राप्त हुईं।

यह स्वास्थ्य शिविर न केवल एक चिकित्सा पहल रहा, बल्कि कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ। कंपनी प्रबंधन द्वारा इस तरह के आयोजनों के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कर्मियों का स्वास्थ्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन से कर्मचारियों को लाभ मिलता रहेगा और एक स्वस्थ कार्यबल के निर्माण में मदद मिलेगी।

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Tarendra Dansena

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