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पश्चिम एशिया युद्ध पर सियासत तेज: प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र से मांगा जवाब, ऊर्जा संकट और भारतीयों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत में भी राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल विदेश नीति का विषय नहीं, बल्कि भारत के करोड़ों नागरिकों के जीवन और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला है।

प्रियंका गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि विपक्ष चाहता है कि संसद में इस मुद्दे पर गंभीर और सार्थक चर्चा हो, जिसमें सभी दल अपनी राय रखें और मिलकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। उनका कहना है कि जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंचता जा रहा है, उसके दुष्परिणाम भी वैश्विक स्तर पर बढ़ते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है।

उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा संकट की ओर इशारा करते हुए कहा कि वर्तमान हालात में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। कई स्थानों पर गैस सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं, और यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने इसे आम जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।

कांग्रेस नेता ने केंद्र की बीजेपी सरकार, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं, से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि सरकार को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि संभावित ऊर्जा संकट से निपटने के लिए क्या ठोस रणनीति तैयार की गई है। साथ ही, उन्होंने यह भी जानना चाहा कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित में एकजुट होकर काम करने का है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह विपक्ष के सुझावों को भी महत्व दे और देशहित में एक व्यापक और प्रभावी योजना तैयार करे।

इस मुद्दे को लेकर अब आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं, वहीं आम जनता की नजरें भी केंद्र सरकार की रणनीति और कदमों पर टिकी हुई हैं।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena