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हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास, 2 साल बाद मिला न्याय

रायगढ़ । रायगढ़ जिले में उधारी विवाद में हुई हत्या के मामले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले के साथ ही मृतक के परिजनों को दो वर्ष बाद न्याय मिल सका।

क्या है पूरा मामला

घटना 22 अगस्त 2024 की रात की है, जब मृतक विरेन्द्र खम्हारी, जो लुकापारा निवासी था और सरिया प्लांट में पिकअप चालक के रूप में कार्यरत था, अपने सहकर्मी सूरज राठिया के साथ विंध्याचल ऑक्सीजन प्लांट की लेबर कॉलोनी में रहता था। दोनों के बीच उधारी के पैसे को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।

टांगी से किया जानलेवा हमला

विवाद के दौरान आरोपी सूरज राठिया ने टांगी से विरेन्द्र पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल विरेन्द्र को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।

पुलिस की तत्पर कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पूंजीपथरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। मामले की विवेचना सहायक उप निरीक्षक जयराम सिदार ने की, जिन्होंने साक्ष्यों, एफएसएल रिपोर्ट और गवाहों के बयान को मजबूती से न्यायालय में प्रस्तुत किया।

अदालत का फैसला

मजबूत साक्ष्य और गवाहों के अडिग बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी सूरज राठिया (22), निवासी आमगांव, धरमजयगढ़ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सुश्री वंदना केशरवानी ने प्रभावी पैरवी की।

दो साल बाद मिला न्याय

यह मामला सशक्त विवेचना और प्रभावी अभियोजन का उदाहरण बना, जिसमें दो साल बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena