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NH-49 पर दर्दनाक हादसा: वेदांता रेलवे साइडिंग के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से युवा व्यवसायी भूषण छाबड़ा की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

खरसिया।एनएच49 पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के बीच गुरुवार की रात एक और दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। कुनकुनी स्थित वेदांता रेलवे साइडिंग के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से खरसिया के युवा व्यवसायी भूषण छाबड़ा (45 वर्ष), पिता नवरत्न छाबड़ा की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे खरसिया नगर में शोक और आक्रोश का माहौल है।

रोज की तरह दुकान बंद कर लौट रहे थे घर

प्राप्त जानकारी के अनुसार भूषण छाबड़ा चपले क्षेत्र में अपना व्यवसाय संचालित करते थे। गुरुवार की शाम रोजाना की तरह उन्होंने अपना कार्य समाप्त कर लगभग 7 बजे दुकान बंद की और बाइक से खरसिया के लिए निकले। जब वे कुनकुनी के पास वेदांता की रेलवे साइडिंग के समीप पहुंचे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल, लेकिन नहीं बच सकी जान

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने तुरंत मानवता का परिचय देते हुए घायल भूषण छाबड़ा को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। उन्हें तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण डॉक्टर उन्हें बचाने में सफल नहीं हो सके। कुछ ही देर में उनकी मौत की खबर फैलते ही पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई।

हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर वेदांता रेलवे साइडिंग के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। नागरिकों का कहना है कि साइडिंग के गेट नंबर 1 और 2 से भारी वाहनों और ट्रकों की आवाजाही सीधे हाईवे पर होती है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को कंपनी गेट से निकलने वाले ट्रक समय पर दिखाई नहीं देते, क्योंकि वहां पर्याप्त चेतावनी संकेत या ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था नहीं है। वहीं कंपनी से निकलने वाले ट्रक चालकों को भी हाईवे का ट्रैफिक स्पष्ट रूप से नजर नहीं आता, जिससे दोनों ओर से टकराव की स्थिति बन जाती है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वेदांता की रेलवे साइडिंग के पास कंपनी की गंभीर लापरवाही लंबे समय से बनी हुई है। हाईवे पर न तो पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था है और न ही सड़क पर जमी कोयले व धूल की मोटी परत की नियमित सफाई की जाती है। साइडिंग से निकलने वाले भारी ट्रकों के कारण दिन-रात कोयले की धूल और डस्ट एनएच 49 पर फैलती रहती है, जिससे सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की ओर न तो कंपनी प्रबंधन ध्यान दे रहा है और न ही प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है, जिसके कारण यहां लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।

कई बार हो चुके हैं हादसे

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वेदांता साइडिंग के पास इससे पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके न तो कंपनी प्रबंधन और न ही प्रशासन की ओर से यहां स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। न पर्याप्त संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं, न ही स्पीड कंट्रोल या ट्रैफिक नियमन की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई देती है। ऐसे में यहां से गुजरने वाले लोगों को हर समय खतरा बना रहता है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

भूषण छाबड़ा की अचानक हुई मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी और बच्चे घर पर उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कुछ ही देर बाद हादसे की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। 45 वर्ष की उम्र में इस तरह सड़क हादसे में हुई मौत ने पूरे खरसिया नगर को भी स्तब्ध कर दिया है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि एनएच 49 पर वेदांता साइडिंग के पास लगातार हो रही दुर्घटनाओं की गंभीरता से जांच की जाए। साथ ही यहां ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक, स्पीड ब्रेकर और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri