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धान खरीदी पर विधानसभा में घमासान, कवासी लखमा का सवालकिसानों का कर्ज कौन चुकाएगा?

रायपुर । छतीसगढ़ की विधानसभा में बजट सत्र के दौरान धान खरीदी को लेकर जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला। 9 मार्च को विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

मंत्री से पूछा गया धान खरीदी का पूरा ब्योरा

प्रश्नकाल के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने वर्ष 2025–26 में हुई धान खरीदी और उसके उठाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि धान खरीदी कब शुरू हुई और किसानों को भुगतान की स्थिति क्या है।

इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि बस्तर संभाग में विभिन्न जिलों से बड़ी मात्रा में धान का उठाव किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि

बीजापुर में 21,888.59 मीट्रिक टन दंतेवाड़ा में 9,757 मीट्रिक टन कांकेर में 1,47,528.3 मीट्रिक टन कोंडागांव में 58,911.78 मीट्रिक टन नारायणपुर में 17,383.06 मीट्रिक टन सुकमा में 16,608.14 मीट्रिक टन धान का उठाव किया गया है।

किसानों को चक्कर काटने पड़ रहे: विपक्ष

विधायक लखेश्वर बघेल ने आरोप लगाया कि किसान लगातार एसडीएम कार्यालय और अन्य दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में भारी गड़बड़ी हो रही है और मामले को गंभीरता से लेना जरूरी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने भी उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि बस्तर के कितने किसानों का दूसरा टोकन कटने के बावजूद उनका धान नहीं खरीदा जा सका। उन्होंने यह भी पूछा कि जिन किसानों ने कर्ज लिया है, क्या सरकार उनका धान खरीदेगी या उनका कर्ज माफ करेगी।

कवासी लखमा का तीखा सवाल

इसी मुद्दे पर पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने सरकार को घेरते हुए कहा कि बस्तर संभाग के 32,200 से अधिक आदिवासी किसानों से धान खरीदी नहीं हुई। उन्होंने पूछा कि जिन किसानों ने पंजीयन कराया, टोकन कटवाया, लेकिन फिर भी धान नहीं बेच सके, उनका क्या होगा।

लखमा ने कहा कि बस्तर के किसानों को धान का लगभग 206 करोड़ रुपये मिलना था, लेकिन धान नहीं खरीदे जाने से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया, उनका कर्ज आखिर कौन चुकाएगा।

धान खरीदी के इस मुद्दे पर सदन में तीखी बहस हुई और विपक्ष ने सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। वहीं सरकार ने दावा किया कि इस वर्ष रिकॉर्ड धान खरीदी की गई है और किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri