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आवास, मनरेगा और कौशल योजनाओं से रायगढ़ की महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

पीएम आवास से मिला सम्मान और सुरक्षा का अधिकार

रायगढ़ । जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की नई तस्वीर सामने आ रही है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह स्पष्ट हुआ है कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

वित्तीय वर्ष 2025–26 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत जिले में कुल 9,679 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 2,076 आवास सीधे महिलाओं के नाम पर स्वीकृत हुए हैं। इससे महिलाओं को अपने घर का मालिकाना हक मिला है, जो उनके सामाजिक सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास को मजबूत बना रहा है।

इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए संचालित पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत 173 आवासों में से 85 आवास महिलाओं के नाम पर दिए गए हैं। इससे इन वर्गों की महिलाओं को भी आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिल रहा है।

आजीविका डबरी से बढ़ी आय, जल संरक्षण को भी मिला बढ़ावा

(मनरेगा) के तहत जिले में आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 428 आजीविका डबरी स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 55 डबरी का निर्माण पूरा हो चुका है।

प्रशासन की अभिनव पहल के तहत प्रत्येक डबरी से एक महिला को जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें आय के नए अवसर मिल रहे हैं। इन डबरियों के माध्यम से महिलाएं सब्जी उत्पादन, मछली पालन और कृषि आधारित गतिविधियों से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं।

लगभग आठ महीने तक पानी उपलब्ध रहने के कारण महिलाएं अब डबल फसल और सब्जी उत्पादन भी कर पा रही हैं। इससे जहां उनकी आय बढ़ रही है, वहीं जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 से महिलाओं को मिला कौशल और रोजगार

महिलाओं को हुनरमंद बनाने के लिए जिले में प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 के तहत व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गतRSETI ,KVK और दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास योजना के माध्यम से महिलाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण सहित विभिन्न तकनीकी कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी 55 प्रतिशत से अधिक है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं अब ब्रिक्स निर्माण और सेंटरिंग प्लेट जैसे कार्यों में भी सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं, जो पहले पारंपरिक रूप से पुरुषों के कार्य माने जाते थे।

जिले में कई प्रेरक उदाहरण सामने आए हैं जहां महिलाओं ने स्वयं राजमिस्त्री बनकर अपना घर बनाया और अब निर्माण सामग्री तैयार कर बेचते हुए अपनी आय भी बढ़ा रही हैं।

कुल मिलाकर, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के सफल समन्वय ने महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं रहने दिया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और उद्यमी बनने का अवसर भी प्रदान किया है।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri