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अपेक्स बैंक की लाइन में किसान की मौत: ‘डबल इंजन सरकार’ के सुशासन पर बड़ा सवाल-ऋतुराज सिंह ठाकुर

धान बोनस लेने घंटों लाइन में खड़ा रहा बुजुर्ग किसान, बैंक के बाहर ही टूटी सांस -कांग्रेस ने कहा: यह व्यवस्था नहीं, किसानों के साथ अन्याय

धरमजयगढ़। छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। अपने ही हक की धान बोनस की राशि लेने बैंक पहुंचे एक बुजुर्ग किसान की अपेक्स बैंक के बाहर लगी लंबी कतार में खड़े-खड़े मौत हो गई। बताया जा रहा है कि किसान कई घंटों से लाइन में लगा हुआ था, इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और बैंक परिसर के बाहर ही उसने दम तोड़ दिया।

यह घटना प्रदेश में किसानों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं और सरकार के ‘सुशासन’ के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जिस किसान ने पूरे साल खेत में मेहनत की, उसे अपनी ही मेहनत की कमाई पाने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा और आखिरकार उसी कतार में उसकी जिंदगी खत्म हो गई।

इस मामले में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ऋतुराज सिंह ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक किसान की मौत नहीं, बल्कि सरकारी अव्यवस्था और संवेदनहीन प्रशासन का परिणाम है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। पहले किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ा, फिर धान बेचने के लिए लंबी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ा और अब अपनी मेहनत की कमाई लेने के लिए भी उन्हें घंटों बैंक की लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।

ऋतुराज सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में किसानों को पंचायत स्तर पर बिना लाइन लगे भुगतान की व्यवस्था देने का वादा किया था, लेकिन धरमजयगढ़ की यह घटना उन वादों की हकीकत उजागर कर रही है।

उन्होंने इस घटना को सरकारी लापरवाही का परिणाम बताते हुए मृतक किसान को “किसान शहीद” का दर्जा देने, मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और मृतक किसान के परिवार को तत्काल उचित मुआवजा देने की मांग की है।

धरमजयगढ़ की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर किसानों को अपनी ही मेहनत की कमाई पाने के लिए कब तक इस तरह की अव्यवस्था, अपमान और जोखिम का सामना करना पड़ेगा।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri