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खरसिया में कस्टोडियल डेथ पर हंगामा: रमेश चौहान की मौत के बाद भड़के ग्रामीण, NH-49 पर चक्काजाम

खरसिया (रायगढ़)। रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा क्षेत्र में एक संदिग्ध मौत के बाद माहौल गरमा गया है। परसकोल हत्याकांड की जांच के दौरान पूछताछ के लिए थाने बुलाए गए ग्रामीण रमेश चौहान (45 वर्ष) की इलाज के दौरान रायपुर के डीकेएस अस्पताल में मौत हो गई। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और गुस्साए लोगों ने एनएच-49 पर चक्काजाम कर दिया। काफी देर तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद जाम समाप्त कराया जा सका।

परसकोल हत्याकांड से जुड़ा है मामला

दरअसल, परसकोल गांव के एक खेत में 35 वर्षीय अनिल चौहान की लाश मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए खरसिया पुलिस ने संदेह के आधार पर गांव के कई लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।

इसी कड़ी में 2 मार्च को रमेश चौहान को भी थाने लाया गया, क्योंकि हत्या की रात उसे मृतक के साथ देखा गया था। दिनभर पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे शाम को घर जाने दिया।

अगले दिन फिर बुलाया गया थाने

बताया जा रहा है कि 3 मार्च की सुबह रमेश चौहान को दोबारा पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। परिजनों का कहना है कि वह सुबह पूरी तरह स्वस्थ हालत में घर से निकला था।

लेकिन कुछ ही घंटों बाद गांव के सरपंच को पुलिस की ओर से सूचना दी गई कि रमेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उसे अस्पताल ले जाया गया है।

पिकअप में लादकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे परिजन

जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो रमेश की हालत गंभीर बताई गई। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण रमेश को पिकअप वाहन में लादकर सीधे खरसिया एसडीएम कार्यालय पहुंच गए।

यहां मृतक की पत्नी और भाई ने पुलिस पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए और न्याय की मांग की। स्थिति को देखते हुए एसडीएम प्रवीण तिवारी ने तत्काल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता देते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कराया।

रायपुर में इलाज के दौरान मौत

रायपुर के डीकेएस अस्पताल में इलाज के दौरान रमेश चौहान की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक के परिजनों का आरोप है कि रमेश सुबह बिल्कुल स्वस्थ हालत में थाने गया था, लेकिन पूछताछ के दौरान उसके साथ बर्बरता की गई। उनका कहना है कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो रमेश के शरीर का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो चुका था और वह बोलने की स्थिति में भी नहीं था।

पुलिस का दावा – नशे की हालत में आया था

वहीं पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है। एसडीओपी प्रभात पटेल ने वीडियो बयान जारी कर कहा कि रमेश चौहान आदतन शराब का सेवन करता था और पूछताछ के लिए जब वह थाने आया था तब भी वह नशे की हालत में था।

पुलिस के मुताबिक तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और परिजनों को इसकी सूचना दी गई थी। पुलिस का कहना है कि मारपीट के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

डेथ सर्टिफिकेट में सामने आया कारण

रायपुर के डीकेएस अस्पताल द्वारा जारी डेथ सर्टिफिकेट में रमेश की मौत का कारण इंट्रापैरेन्काइमल हेमरेज बताया गया है, जिसका अर्थ है दिमाग के अंदरूनी हिस्से में भारी रक्तस्राव।

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति सिर के अंदरूनी हिस्से में चोट लगने या अत्यधिक तनाव के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने से भी हो सकती है।

ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच-49 पर चक्काजाम कर दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, मुआवजा और मृतक की पत्नी को नौकरी देने की मांग की। जाम के कारण कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।

प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन

मौके पर पहुंचे खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी और एसडीओपी प्रभात पटेल ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। वहीं क्षेत्रीय विधायक उमेश पटेल ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांग प्रशासन के सामने रखी।

प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराने और मृतक के परिजनों को मुआवजा व नौकरी संबंधी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

इसके साथ ही पुलिस विभाग की ओर से खरसिया थाना प्रभारी को लाइन अटैच करने की जानकारी दी गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका।

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Kanha Shastri

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