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आईटीआई प्रशिक्षण में बड़ा सुधार: 150 घंटे की अनिवार्य OJT / ग्रुप प्रोजेक्ट लागू

रायपुर: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने देश के आईटीआई छात्रों के लिए बड़े बदलाव की घोषणा की है। अब सभी आईटीआई ट्रेनियों के लिए 150 घंटे की अनिवार्य On-the-Job Training (OJT) या ग्रुप प्रोजेक्ट करना अनिवार्य होगा।

यह प्रावधान क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (CTS) के तहत लागू किया गया है और इसका उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देना और उनके कौशल व उद्यमिता क्षमता को बढ़ाना है।

बदलाव से छात्रों को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम छात्रों को केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगा। इसके माध्यम से:

छात्रों को रियल वर्क एन्वायरनमेंट में काम करने का अनुभव मिलेगा। टीम वर्क और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कौशल में वृद्धि होगी। भविष्य में रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे।

मंत्रालय की राय

मंत्रालय का कहना है कि यह कदम भारत में कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नए नियम के अनुसार, आईटीआई छात्रों को प्रशिक्षण के दौरान न केवल तकनीकी दक्षता, बल्कि व्यावहारिक समझ और टीम आधारित प्रोजेक्ट अनुभव भी मिलेगा।

क्या है क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (CTS)?

CTS आईटीआई छात्रों के लिए पेशेवर प्रशिक्षण का एक ढांचा है, जिसमें छात्रों को कार्यक्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव और शिल्प कौशल सिखाया जाता है। अब OJT/ग्रुप प्रोजेक्ट अनिवार्यता जोड़ने से यह प्रशिक्षण और प्रभावी हो जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ छात्रों की योग्यता बढ़ेगी, बल्कि भारतीय उद्योगों के लिए कुशल श्रमिकों की संख्या भी बढ़ेगी।

देशभर के आईटीआई छात्रों के लिए ये नियम अब अनिवार्य होंगे।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri