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CG महंगाई भत्ता ब्रेकिंग: DA और एरियर्स का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, सरकार को 4 हफ्ते में जवाब देने का निर्देश

रायपुर, 2 मार्च।छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ता (डीए) और एरियर्स का मामला अब न्यायालय की दहलीज तक पहुंच गया है।छतीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने वर्ष 2017 से लंबित डीए एवं बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर हाई कोर्ट ऑफ छत्तीसगढ़ में याचिका दायर की है।

प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

फेडरेशन की दलील

सुनवाई के दौरान फेडरेशन की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि वर्ष 2017 से कर्मचारियों को महंगाई भत्ता समय पर नहीं दिया गया। केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर डीए में वृद्धि किए जाने के बावजूद राज्य स्तर पर समकक्ष दर से भुगतान नहीं हुआ, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि डीए का एरियर्स (बकाया भुगतान) अब तक लंबित है, जो कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

बढ़ती महंगाई, बढ़ता दबाव

फेडरेशन का तर्क है कि लगातार बढ़ती महंगाई दर के बीच कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। डीए का उद्देश्य ही महंगाई से राहत देना है, लेकिन समय पर भुगतान न होने से यह उद्देश्य अधूरा रह गया है।

फेडरेशन ने न्यायालय से आग्रह किया है कि राज्य सरकार को निर्देशित किया जाए कि वह लंबित डीए और एरियर्स का भुगतान निश्चित समय सीमा में सुनिश्चित करे।

कोर्ट का रुख

उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है और चार सप्ताह का समय दिया है। अगली सुनवाई में सरकार के पक्ष और प्रस्तुत तर्कों के आधार पर आगे की दिशा तय की जाएगी।

प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रशासनिक स्तर पर इस मुद्दे को उठा रहे थे, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। ऐसे में न्यायालय का दरवाजा खटखटाना मजबूरी बन गया।

यदि न्यायालय से कर्मचारियों के पक्ष में आदेश आता है, तो राज्य के लाखों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिल सकता है। अब सभी की निगाहें सरकार के जवाब और आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena