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आजकल युवाओं में बढ़ी बाल झड़ने की समस्या,खानपान सुधार से मिल सकता है समाधान: डॉ. सारिका श्रीवास्तव

रायपुर। आजकल बाल झड़ने की समस्या आम होती जा रही है। हर दूसरा व्यक्ति हेयर फॉल से परेशान है, खासकर युवाओं में यह समस्या तेजी से बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब जीवनशैली, प्रदूषण, तनाव और असंतुलित आहार इसके प्रमुख कारण हैं। राजधानी रायपुर की डायटीशियन डॉक्टर सारिका श्रीवास्तव के अनुसार शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने पर बाल झड़ना एक सामान्य लेकिन गंभीर संकेत हो सकता है।

न्यूट्रिशन की कमी से बढ़ता है हेयर फॉल

डॉ. श्रीवास्तव बताती हैं कि जब शरीर को पर्याप्त और संतुलित पोषण नहीं मिलता, तब हेयर फॉल की समस्या बढ़ जाती है। थायराइड, लंबे समय तक बीमारी (जैसे टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया) या न्यूट्रिशन डिफिशिएंसी के मामलों में भी बाल झड़ना देखा जाता है। कोविड के बाद भी कई लोगों में हेयर फॉल की शिकायतें बढ़ी हैं। सामान्य रूप से प्रतिदिन 50–100 बाल झड़ना सामान्य माना जाता है, लेकिन इससे अधिक गिरावट चिंता का विषय हो सकती है।

प्रोटीन और बायोटिन की भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार प्रोटीन की कमी या असंतुलित मात्रा बालों की जड़ों को कमजोर कर सकती है। संतुलित मात्रा में प्रोटीन का सेवन जरूरी है। इसके अलावा बायोटिन (विटामिन B7) और जिंक की कमी भी बाल झड़ने का कारण बन सकती है। लंबे समय से कमजोरी या शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने पर हेयर फॉल बढ़ सकता है।

डाइट में क्या करें शामिल?

डॉ. श्रीवास्तव सलाह देती हैं कि यदि प्रोटीन की कमी है तो आहार में दूध, दही, पनीर, अन्य डेयरी उत्पाद शामिल करें। नॉनवेज लेने वाले लोग अंडा, चिकन और मछली का सेवन कर सकते हैं।

इसके अलावा:

ब्लैक सीड्स और सनफ्लावर सीड्स काजू, बादाम जैसे ड्राई फ्रूट्स सत्तू और सूखी दालें (ड्राई बीन्स) फिश लिवर ऑयल एलोवेरा

इनका सेवन लाभकारी हो सकता है। काजू में जिंक और बायोटिन पाया जाता है, जो बालों को मजबूत बनाने में सहायक है।

बाहरी उपयोग से भी लाभ

हेयर फॉल नियंत्रित करने के लिए दही में भिगोए हुए फ्लैक्स सीड्स का पेस्ट लगाना उपयोगी बताया गया है। सल्फर की कमी होने पर प्याज को डाइट में शामिल करना या प्याज का रस बालों की जड़ों में लगाना भी लाभकारी हो सकता है।

संतुलित जीवनशैली है जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल बाहरी उपाय पर्याप्त नहीं हैं। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण भी बालों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। यदि समस्या अत्यधिक हो तो चिकित्सकीय जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि किसी अंतर्निहित बीमारी का समय पर उपचार हो सके।

स्वस्थ खानपान और संतुलित जीवनशैली अपनाकर बाल झड़ने की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena