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मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर दिखाई करवट, भोपाल में बारिश और ओले, छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट

भोपाल : फरवरी का मौसम मध्य प्रदेश में लगातार अस्थिर बना हुआ है। राजधानी भोपाल में गुरुवार सुबह तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई, जबकि कई जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल अंचल के आठ जिलों ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

मध्य प्रदेश में मौसम क्यों बिगड़ा?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव आया है। दो अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण तंत्र सक्रिय होने से बादलों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे कई जिलों में बारिश और ओले की संभावना बनी हुई है।

फरवरी में यह तीसरी बार है जब प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि का असर पड़ा है। पहले दो बार भी मौसम अस्थिर रहने के कारण फसलों को नुकसान हुआ था, जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण कराया गया।

भोपाल और अन्य शहरों का मौसम

भोपाल में दिन में धूप रही, लेकिन शाम होते-होते बादल घिर आए और रात में मौसम ने करवट ली। दिन के तापमान में वृद्धि देखने को मिल रही है और कई शहरों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंडक बनी हुई है। अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा।

सबसे ठंडा क्षेत्र: कटनी का करौंदी, न्यूनतम तापमान 7 डिग्री अन्य ठंडे क्षेत्र: पचमढ़ी, रीवा, उमरिया और खजुराहो, न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम बड़े शहर: भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में रात का तापमान सामान्य से अधिक

छत्तीसगढ़ पर संभावित असर

मध्य प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार:

उत्तरी छत्तीसगढ़: सूरजपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और बिलासपुर में गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़: रायपुर, दुर्ग, बस्तर में बादल घिरे रह सकते हैं, कहीं हल्की बूँदाबांदी या गरज-चमक संभव

किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है, विशेषकर सरसों, गेहूँ और खरीफ फसलों में।

आगे का पूर्वानुमान

20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। 21 फरवरी से मौसम में सुधार के संकेत हैं, फिलहाल किसी बड़े सिस्टम की चेतावनी नहीं है। छत्तीसगढ़ में अगले 2-3 दिनों तक कुछ जिलों में हल्की बारिश या गरज-चमक का असर रह सकता है, लेकिन व्यापक तूफान की संभावना नहीं।

लगातार बदलते मौसम के बीच किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं से सावधानी बरतना जरूरी है।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena