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राजस्व परीक्षा में पर्चा लीक: 3000 पन्नों का चालान पेश, डिजिटल साक्ष्यों का दावा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा–2024 के कथित पेपर लीक मामले में जांच एजेंसी ने बड़ा कदम उठाते हुए न्यायालय में करीब 3000 पन्नों का चालान पेश किया है। मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।

जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों के खिलाफ डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए गए हैं, जिनमें मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक डाटा और अन्य तकनीकी प्रमाण शामिल हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर यह संकेत मिला है कि 100 से अधिक अभ्यर्थियों तक परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या उससे संबंधित सामग्री पहुंचाई गई हो सकती है।

आरोपियों पर शिकंजा

मामले में हेमंत कोशिक और वीरेंद्र जाटव को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों में इनके बीच हुई कथित बातचीत और लेनदेन से जुड़े विवरण का उल्लेख किया है।

अधिकारियों की भूमिका की जांच

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ विभागीय अधिकारियों एवं निरीक्षकों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। परीक्षा परिणामों में अभ्यर्थियों के अंकों और उत्तर पैटर्न में समानता पाए जाने का भी जिक्र किया गया है, जिसे जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

आगे की कार्रवाई

जांच एजेंसी का कहना है कि प्रस्तुत चालान में विस्तृत तकनीकी और दस्तावेजी प्रमाण शामिल हैं। न्यायालय में सुनवाई के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

यह मामला राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है। प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri