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टाइम पर अस्पताल पहुंचाया… लेकिन डॉक्टर नहीं मिला! धमतरी के बोराई सिविल अस्पताल में इलाज के अभाव में युवक की मौत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अंतिम छोर पर बसे बोराई गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था की भयावह तस्वीर सामने आई है। सड़क हादसे में घायल युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां न डॉक्टर मिला, न स्टाफ। उपचार के अभाव में युवक ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया।यह घटना केवल एक मौत नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर विफलता का प्रमाण बन गई है।

यह हृदयविदारक मामला धमतरी जिले के बोराई सिविल अस्पताल का है। 15 फरवरी रविवार देर रात बोराई-घुटकेल मार्ग पर एक बाइक सवार युवक बेसुध हालत में सड़क पर पड़ा मिला। सूचना मिलते ही बोराई थाना पुलिस और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं ठप

ग्रामीणों को उम्मीद थी कि प्राथमिक उपचार मिलते ही युवक की जान बच जाएगी। लेकिन अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह बंद थीं। ड्यूटी पर कोई डॉक्टर या जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं था।

इलाज के इंतजार में तड़पते हुए युवक ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया।

मृतक की पहचान ओडिशा के खिलौली निवासी अग्नु राम विश्वकर्मा के रूप में हुई है।

🔥 रात 11 बजे से शव के साथ धरना

युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रात 11 बजे से ही ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए गए।

धरने का नेतृत्व कर रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज साक्षी ने तीखा हमला करते हुए कहा:

“जब सिविल अस्पताल में इमरजेंसी के समय डॉक्टर ही नहीं मिलेंगे, तो आम जनता कहां जाएगी? क्या 24 घंटे सेवा सिर्फ कागजों में चल रही है?”

उन्होंने आरोप लगाया कि घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई, लेकिन घंटों तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

वनांचल क्षेत्र में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं लंबे समय से बदहाल हैं। ज्ञापन, शिकायतें और आंदोलन होते रहे, लेकिन व्यवस्था जस की तस है।

ग्रामीणों की मांगें स्पष्ट हैं:

🔹 अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती

🔹 दोषी अधिकारियों और अनुपस्थित स्टाफ पर सख्त कार्रवाई

🔹 घटना की निष्पक्ष जांच

🔹 आपातकालीन सेवाओं की अनिवार्य व्यवस्था

बड़ा सवाल

अगर समय पर अस्पताल पहुंचने के बाद भी इलाज न मिले,

अगर इमरजेंसी में डॉक्टर गायब हों,

तो फिर “स्वास्थ्य गारंटी” का दावा किस काम का?

धमतरी की यह घटना पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन केवल जांच का आश्वासन देगा या जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई भी करेगा।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena