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शब्दों का वार,जवाबी प्रहार-प्रदेश की राजनीति में नया विवाद

छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था का मुद्दा केंद्र में आ गया है। कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गृह मंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध, नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है। अपने बयान में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लगता है मानो “गृह मंत्री नहीं, ग्रहण मंत्री” हो-अर्थात जिनके कार्यकाल में सुरक्षा व्यवस्था पर ही ग्रहण लग गया हो।

देवेंद्र यादव ने कहा कि आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। विपक्ष का दावा है कि प्रदेश में प्रशासनिक सख्ती की कमी दिखाई दे रही है और सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है।

इन आरोपों पर प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए कहा कि सरकार अपराध नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चला रही है। उनका कहना है कि पुलिस व्यवस्था को मजबूत किया गया है, अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई रणनीतिक फैसले लिए गए हैं।

विजय शर्मा ने यह भी कहा कि विपक्ष को अपने शासनकाल की घटनाओं को याद रखना चाहिए और वर्तमान सरकार पर अनावश्यक आरोप लगाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए। उनका दावा है कि राज्य में सुरक्षा के मोर्चे पर सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थिति में सुधार हुआ है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाज़ी आने वाले समय में और तेज हो सकती है, क्योंकि कानून-व्यवस्था का मुद्दा हमेशा से सियासत का संवेदनशील विषय रहा है।”गृह या ग्रहण”की यह शब्दयुद्ध अब प्रदेश की राजनीति में नई बहस का रूप ले चुका है।आरोप प्रत्यारोप के बीच आम जनता की नजर इस बात पर है कि जमीनी स्तर पर हालात में कितना सुधार होता है और सरकार किस तरह से सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करती है।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena