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संजय बघेल मौत मामला: कांग्रेस जांच दल ने गांव से जेल तक की पड़ताल, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

रायगढ़। कोतरारोड़ थाना क्षेत्र से जेल भेजे गए बंदी संजय बघेल की संदिग्ध मौत का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की सच्चाई जानने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच दल बुधवार को रायगढ़ पहुंचा और नवापारा से लेकर जिला जेल तक घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की।

जांच दल ने सबसे पहले मृतक संजय बघेल के गृह ग्राम नवापारा पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने घटना को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए न्याय की मांग की। जांच दल ने परिवार को सांत्वना देते हुए हर स्तर पर न्याय दिलाने का भरोसा दिया। स्थानीय विधायक उमेश पटेल भी इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और घटना की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई।

गांव में परिजनों और ग्रामीणों से चर्चा के बाद कांग्रेस जांच समिति जिला जेल पहुंची। यहां समिति ने जेल प्रशासन से घटना से संबंधित जानकारी लेने का प्रयास किया। जेल परिसर के बाहर मीडिया से चर्चा करते हुए समिति की अध्यक्ष एवं चातुरी नंद ने जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक के शरीर पर कमर, पीठ और कोहनी के आसपास चोट एवं बेल्ट जैसे किसी वस्तु से मारपीट के निशान दिखाई दिए थे, जबकि मुंह से रक्तस्राव होने की बात भी सामने आई है।

जांच दल ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद तथ्यों को प्रभावित करने के उद्देश्य से मृतक के साथ मौजूद एक अन्य बंदी का वार्ड बदल दिया गया। समिति का कहना है कि जब उन्होंने घटना के समय का सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की तो जेल प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए फुटेज दिखाने से इंकार कर दिया।

जेल का निरीक्षण करने के बाद कांग्रेस जांच दल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। इस दौरान जांच समिति ने पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी, मृतक की दोनों पुत्रियों की शिक्षा एवं उपचार का संपूर्ण खर्च शासन द्वारा वहन किए जाने तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज करने की मांग रखी।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व रायगढ़ पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर थाना परिसर में मारपीट की आशंकाओं को खारिज किया था। वहीं दूसरी ओर परिजन और कांग्रेस जांच दल शरीर पर चोट के निशानों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में मामले के दो अलग-अलग पक्ष सामने आने से घटना को लेकर जनचर्चा और बढ़ गई है।

फिलहाल प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच जारी है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिनसे संजय बघेल की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।

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Taran

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