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शिक्षा विभाग के डेटा एंट्री ऑपरेटरों को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नियमित नियुक्ति का दिया आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में संविदा कर्मचारियों की लंबी कानूनी लड़ाई को बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत दो डेटा एंट्री ऑपरेटरों को नियमित नियुक्ति देने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। इस फैसले को संविदा कर्मियों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है।

न्यायमूर्ति एके प्रसाद की एकलपीठ ने अपने निर्णय में स्पष्ट कहा कि एक आदर्श नियोक्ता के रूप में राज्य का दायित्व है कि वह अपने कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार करे, चाहे उनकी नियुक्ति संविदा पर हो या नियमित। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पद स्वीकृत और नियमित प्रकृति के हैं, तो केवल विज्ञापन में संविदात्मक उल्लेख कर कर्मचारियों को नियमित लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 2012 में जारी एक संयुक्त विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसी विज्ञापन में डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद भी शामिल थे। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनकी नियुक्ति विधिवत चयन प्रक्रिया के बाद हुई थी और संबंधित पद पहले से ही नियमित आधार पर स्वीकृत थे।

हालांकि, विभाग ने 25 अक्टूबर 2022 के आदेश के जरिए उनकी नियुक्ति को नियमित मानने से इंकार करते हुए उन्हें संविदा नियुक्ति बताया। इसके बाद दोनों कर्मचारियों ने हाईकोर्ट की शरण ली।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब पद पहले से स्वीकृत और नियमित प्रकृति के हैं तथा चयन प्रक्रिया विधिवत संपन्न हुई है, तब कर्मचारियों को नियमित दर्जा देने से इंकार करना न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने विभागीय आदेश को निरस्त करते हुए नियमित नियुक्ति देने के निर्देश दिए।

दूरगामी असर

कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में अन्य विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के मामलों में भी मिसाल साबित हो सकता है। इससे हजारों संविदा कर्मियों को न्याय की उम्मीद जगी है।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena