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लैलूंगा में जैविक खेती को बढ़ावा: डीएमएफ मद से 50 किसान कर रहे रागी की ऑर्गेनिक खेती, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने खेतों में पहुंचकर लिया जायजा

रायगढ़, 12 मार्च 2026। जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास कार्यों की प्रगति और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने गुरुवार को लैलूंगा विकासखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सलखिया स्थित गुरुकुल आश्रम में डीएमएफ मद से संचालित रागी की जैविक खेती का निरीक्षण किया और किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक व प्राकृतिक खेती पद्धतियों की सराहना की।

दौरे के दौरान कलेक्टर ने केलो नदी के उद्गम स्थल ग्राम पहाड़ लुड़ेग का भ्रमण कर उसके संरक्षण एवं विकास की संभावनाओं पर ग्रामीणों से चर्चा की। वहीं खम्हार-पाकुट जलाशय योजना का निरीक्षण करते हुए जलाशय के तटीय क्षेत्र के सौंदर्यीकरण का ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही लैलूंगा के 50 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल का भी निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

गुरुकुल आश्रम में रागी की खेती का निरीक्षण

सलखिया स्थित गुरुकुल आश्रम में कलेक्टर ने डीएमएफ मद से की जा रही रागी की खेती की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि लैलूंगा विकासखंड के करीब 50 किसान इस वर्ष रागी की खेती पूरी तरह जैविक पद्धति से कर रहे हैं। किसानों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के रागी विशेषज्ञ जैकब द्वारा किसानों को उत्पादन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रागी पोषक तत्वों से भरपूर और जलवायु के अनुकूल फसल है, जिसे बढ़ावा देने से किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ सीजन में रागी की खेती का दायरा बढ़ाने की योजना बनाई जाएगी। विशेष रूप से टिकरा भूमि में धान की खेती करने वाले किसानों को रागी जैसी वैकल्पिक और लाभकारी फसल अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

केलो नदी के उद्गम स्थल पहाड़ लुड़ेग पहुंचे कलेक्टर

कलेक्टर ने केलो नदी के उद्गम स्थल ग्राम पहाड़ लुड़ेग का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से चर्चा कर नदी से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान ग्रामीणों ने लैलूंगा से पहाड़ लुड़ेग तक सड़क निर्माण की मांग रखी, जिस पर कलेक्टर ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि केलो नदी का उद्गम स्थल जिले की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है और इसका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने पहाड़ लुड़ेग ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के प्रयास करने की भी बात कही। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि इस स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए तो क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं। इसके लिए उन्होंने ग्रामीणों से 15 दिनों के भीतर विकास और संरक्षण से जुड़े सुझाव देने का आग्रह किया।

खम्हार-पाकुट जलाशय का लिया जायजा

दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्राम पंचायत जाम बहार स्थित खम्हार-पाकुट जलाशय योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

जलाशय में आदिवासी मत्स्य समिति लैलूंगा द्वारा किए जा रहे मछली पालन की उन्होंने सराहना की और समिति को इस कार्य को और विस्तार देने के निर्देश दिए। साथ ही जलाशय के तटीय क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए किसी विशेषज्ञ आर्किटेक्ट से विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार कराने के निर्देश कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन संभाग धरमजयगढ़ को दिए, ताकि भविष्य में इसे पर्यटन और मनोरंजन के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

मातृ एवं शिशु अस्पताल का भी किया निरीक्षण

कलेक्टर ने लैलूंगा स्थित 50 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल का निरीक्षण कर अस्पताल की साफ-सफाई, उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में ब्लड बैंक और हमर लैब को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, रवि भगत सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri