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रायपुर DEO कार्यालय में भीषण आग: 10 वर्षों के शिक्षा रिकॉर्ड जलकर खाक, RTE भुगतान और मान्यता प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

रायपुर । रायपुर में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय की मान्यता शाखा में लगी भीषण आग ने पूरे शिक्षा विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस आगजनी में पिछले लगभग 10 वर्षों के महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेख जलकर नष्ट हो गए, जिनमें निजी स्कूलों की मान्यता, नवीनीकरण, निरीक्षण प्रतिवेदन और शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत हुए करोड़ों-अरबों रुपये के भुगतान से जुड़े दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं।

घटना के बाद विभाग ने जिले के लगभग 850 निजी विद्यालयों से वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक का रिकॉर्ड दोबारा जमा करने के निर्देश जारी किए हैं। इस कदम ने प्रशासनिक पारदर्शिता, दस्तावेज संरक्षण और वित्तीय जवाबदेही को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, आग केवल सामान्य प्रशासनिक फाइलों तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन अभिलेखों तक भी पहुंची जिनमें निजी विद्यालयों की मान्यता संबंधी मूल दस्तावेज, निरीक्षण रिपोर्ट और RTE के अंतर्गत किए गए भुगतान का पूरा ब्यौरा दर्ज था। शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि इन फाइलों में पिछले एक दशक के अरबों रुपये के भुगतान और स्वीकृतियों का विवरण बंद था। ऐसे में रिकॉर्ड का अचानक नष्ट हो जाना पूरे मामले को अत्यंत संवेदनशील बना देता है।

सामाजिक कार्यकर्ता विकास तिवारी ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए पुलिस कमिश्नर, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आगजनी के माध्यम से वित्तीय अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों को नष्ट करने का प्रयास किया गया हो सकता है।

मामले को और अधिक गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय के खिलाफ निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की शिकायतें पहले से लंबित हैं। विधानसभा में स्वयं स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा यह स्वीकार किया जा चुका है कि संबंधित शिकायतों की जांच चल रही है। ऐसे में रिकॉर्ड रूम में लगी आग ने पूरे घटनाक्रम को संदेह के घेरे में ला दिया है।

अब इस मामले में स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच, EOW-ACB जांच तथा RTE भुगतान और निजी स्कूल मान्यता प्रक्रिया के विशेष ऑडिट की मांग तेज हो गई है। सामाजिक संगठनों और शिक्षा अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते डिजिटल बैकअप और शेष अभिलेख सुरक्षित नहीं किए गए तो हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हमेशा के लिए समाप्त हो सकती है।

मामले में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी भी चल रही है। माना जा रहा है कि न्यायिक हस्तक्षेप के बाद इस पूरे प्रकरण की व्यापक जांच हो सकती है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी संभव है।

प्रमुख बिंदु

  • रायपुर DEO कार्यालय की मान्यता शाखा में आग से रिकॉर्ड नष्ट।
  • लगभग 850 निजी विद्यालयों का डेटा प्रभावित।
  • वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक के दस्तावेज जलने की जानकारी।
  • RTE भुगतान और मान्यता संबंधी मूल रिकॉर्ड प्रभावित।
  • EOW और ACB में शिकायत दर्ज।
  • स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच और स्पेशल ऑडिट की मांग।
  • डिजिटल बैकअप सुरक्षित करने की अपील।
  • उच्च न्यायालय में PIL दायर करने की तैयारी।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri