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रायगढ़ हत्याकांड: अर्धनग्न हालत में मिली महिला वकील की लाश, बार एसोसिएशन में आक्रोश

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक युवा महिला अधिवक्ता की नृशंस हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के तुमीडीह डैम किनारे जंगल में 12 मई को अर्धनग्न अवस्था में मिली युवती की लाश की पहचान 31 वर्षीय अधिवक्ता के रूप में हुई है, जो लैलूंगा ब्लॉक के एक गांव की निवासी थीं और रायगढ़ जिला अधिवक्ता संघ की सदस्य थीं। घटना के बाद अधिवक्ता समुदाय, सामाजिक संगठनों और आम लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम ग्रामीणों ने तुमीडीह डैम के समीप जंगल में एक युवती का शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि युवती का शव औंधे मुंह पड़ा हुआ था और उसके कपड़े आसपास बिखरे हुए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतका के गले और गर्दन के पीछे धारदार हथियार से वार किए गए थे। इतना ही नहीं, हत्या के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरे को पत्थरों से बुरी तरह कुचल दिया गया था। पुलिस इस पूरे मामले को सुनियोजित हत्या मानकर जांच कर रही है।

मृतका की बहन ने मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि 12 मई को जब उन्होंने अपनी बहन को फोन किया तो मोबाइल बंद था। अगले दिन अचानक फोन चालू हुआ, लेकिन कॉल किसी दूसरी लड़की ने उठाया। उसने कहा कि “दीदी सो रही हैं” और बाद में मृतका की आवाज में बात करने की कोशिश भी की। इसके कुछ समय बाद परिवार को सीधे शव मिलने की सूचना मिली। इस घटनाक्रम ने मामले को और भी रहस्यमय बना दिया है तथा पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है।

घटना के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ ने शुक्रवार को शोकसभा आयोजित की और उसके बाद सैकड़ों अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय से पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लालमणि त्रिपाठी ने कहा कि यह केवल एक अधिवक्ता की हत्या नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर हमला है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि इस मामले में आरोपी की पैरवी कोई स्थानीय वकील नहीं करेगा तथा बाहर से आने वाले अधिवक्ताओं से भी ऐसा न करने का अनुरोध किया जाएगा। साथ ही अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने की मांग भी तेज हो गई है।  

पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मामले को “ब्लाइंड मर्डर” बताते हुए कहा है कि शुरुआती सुरागों के आधार पर कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। वहीं, परिजनों ने जांच की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इस हृदयविदारक घटना ने महिलाओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और पेशेवर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब पूरे प्रदेश की नजर पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।  

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Kanha Shastri

Kanha Shastri