Skip to content

रायगढ़ में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर संगठित गिरोह बेनकाब

रायगढ़ । छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से लोगों को ठगने वाले रैकेट का खुलासा किया है। इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में किया गया।

दरोगापारा क्षेत्र में स्थित “निधि परिवहन केंद्र” पर पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश देकर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। जांच में सामने आया कि केंद्र संचालक कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से वैध कार्य करता था, लेकिन बाद में उसने इसी आड़ में फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म “इंडिया मैट्रिमोनी” के नाम से ठगी का जाल बिछा रखा था।

कैसे चलता था ठगी का खेल?

गिरोह में शामिल युवतियां फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबर का उपयोग कर यूट्यूब चैनल बनाती थीं। इन चैनलों पर नकली प्रोफाइल और वीडियो अपलोड कर लोगों को आकर्षित किया जाता था। इच्छुक लोगों से पहले बायोडाटा लिया जाता, फिर “रजिस्ट्रेशन फीस” के नाम पर यूपीआई के जरिए रकम वसूली जाती।

इसके बाद पसंदीदा प्रोफाइल से बातचीत कराने और “मीटिंग आईडी” देने के नाम पर दोबारा पैसे लिए जाते थे। व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर लगातार भुगतान करवाया जाता था, जिससे पीड़ित धीरे-धीरे ठगी का शिकार हो जाते थे।

दूसरा ठिकाना भी आया सामने

मुख्य आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने “श्रीमती शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन” में भी छापा मारा। यहां की संचालिका हिमांशु मेहर पिछले तीन वर्षों से इस गिरोह से जुड़ी हुई थी और उसके कार्यालय से भी युवतियां इसी प्रकार ठगी में संलिप्त थीं।

जब्त सामग्री और खुलासे

जांच के दौरान पुलिस को लैपटॉप में फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के सबूत मिले। साथ ही विभिन्न शासकीय विभागों की फर्जी सील-मुहर भी बरामद की गई हैं, जिससे इस गिरोह की गंभीरता और विस्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।

एसएसपी का सख्त संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

ऑनलाइन विवाह प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय पहचान सत्यापित करें, किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि देने से बचें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर सेल में शिकायत करें।

ख़बर शेयर करें:

Description of the image
Tarendra Dansena

Tarendra Dansena