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रायगढ़ में जनगणना-2026 के पहले चरण की शुरुआत, घर-घर पहुंच रही प्रशासन की टीम

खरसिया । रायगढ़ जिले में जनगणना-2026 के प्रथम चरण का विधिवत शुभारंभ शुक्रवार से हो गया। इस चरण के अंतर्गत 1 मई से 30 मई तक जिलेभर में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। प्रशासन द्वारा इसे पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिले के सभी अनुविभागों में प्रशिक्षित प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सर्वे कर रहे हैं।

पहले ही दिन प्रशासनिक अमले ने कार्य की गति और सटीकता पर विशेष फोकस रखा। चार्ज अधिकारियों ने प्रगणक दलों को रवाना करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर जिले के प्रत्येक घर तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि के बिना संपूर्ण जानकारी दर्ज की जाए। अधिकारियों ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं और विकास की दिशा तय करने वाला राष्ट्रीय अभियान है।  

सर्वे के दौरान मकान का प्रकार, उसका उपयोग, निर्माण की प्रकृति, परिवारों की संख्या, पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट, रसोई ईंधन सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जा रही है। इस बार की जनगणना को देश की पहली व्यापक डिजिटल जनगणना माना जा रहा है, जिसमें नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक लोग पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी भर सकते हैं, जिसका बाद में प्रगणकों द्वारा सत्यापन किया जाएगा।  

मैदान में उतरे प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर कार्य की निगरानी भी की। अनुविभागीय जनगणना अधिकारी दुर्गा प्रसाद अधिकारी, प्रवीण भगत, प्रवीण तिवारी, महेश शर्मा और भरत कौशिक ने अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण कर प्रगणकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है, क्योंकि इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य की सरकारी योजनाएं, संसाधनों का वितरण, शहरी एवं ग्रामीण विकास की नीतियां तय की जाती हैं।  

जानकारी के अनुसार, इस बार जनगणना प्रक्रिया में नागरिकों से लगभग 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें परिवार, शिक्षा, रोजगार, मातृभाषा, आवासीय स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारियां शामिल रहेंगी। इसके लिए राज्यभर में हजारों कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर मैदान में उतारा गया है।  

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही और पूर्ण जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही आने वाले वर्षों की विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं और सामाजिक-आर्थिक नीतियों की मजबूत आधारशिला बनेंगे।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena