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रायगढ़ को मिली बड़ी सौगात: क्षेत्रीय FSL लैब शुरू, अब हत्या-दुष्कर्म मामलों की जांच होगी तेज

रायगढ़ । रायगढ़ में अब अपराध जांच की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज, वैज्ञानिक और प्रभावी होने जा रही है। शनिवार को विष्णु देव साय ने राजामहल के पास क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) का उद्घाटन किया। इस नई लैब के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अब तक हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या, एनडीपीएस और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए पुलिस को बिलासपुर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला पर निर्भर रहना पड़ता था। ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल जांच के नमूने बिलासपुर भेजे जाते थे, जिससे रिपोर्ट आने में लंबा समय लगता था और कई मामलों की विवेचना महीनों तक अटकी रहती थी। नई क्षेत्रीय एफएसएल लैब शुरू होने के बाद अधिकांश परीक्षण रायगढ़ में ही किए जा सकेंगे, जिससे जांच की समय-सीमा कम होगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।

सीन ऑफ क्राइम यूनिट रायगढ़ के संयुक्त संचालक डॉ. पीएस. भगत ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि रायगढ़ की क्षेत्रीय प्रयोगशाला के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों सहित कुल 28 पद स्वीकृत किए गए हैं तथा जल्द ही इन पदों पर नियुक्तियां भी की जाएंगी।

डॉ. भगत के अनुसार रायगढ़ की सीन ऑफ क्राइम यूनिट को एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट वाहन भी स्वीकृत हुआ है। यह वाहन घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और प्रारंभिक फॉरेंसिक परीक्षण में मदद करेगा। इससे पुलिस को घटनास्थल से ही सटीक और मजबूत सबूत जुटाने में आसानी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय एफएसएल की स्थापना से अपराध जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा। इससे न केवल न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि निर्दोष लोगों को जल्द राहत मिलने और अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने में भी मदद मिलेगी। रायगढ़ संभाग के लिए यह प्रयोगशाला कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रणाली के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri