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रायगढ़ की बेटी ने हनोई में रचा इतिहास,मिला कलानिधि हीरक सम्मान

रायगढ़ । रायगढ़ की 11 वर्षीय शास्त्रीय नृत्य साधिका अद्वितीया सामजी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार सफलता हासिल की है। वियतनाम की राजधानी हनोई में आयोजित 19वें ग्लोबल कॉम्पिटिशन एंड फेस्टिवल ऑफ इंडियन आर्ट एंड कल्चर “देश राग” में अद्वितीया ने परफॉर्मिंग आर्ट्स श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए उन्हें प्रतिष्ठित “कलानिधि हीरक सम्मान” से भी सम्मानित किया गया।

पांच दिनों तक चले इस अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन नृत्यधाम कला समिति, भिलाई की निर्देशिका राखी रॉय के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, आयुष मंत्रालय तथा इंटरनेशनल एलाइनमेंट फेडरेशन का सहयोग प्राप्त था। प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के कलाकारों ने भाग लिया, जहां अद्वितीया के प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय जूरी ने सर्वाधिक अंक देकर सराहा।

प्रतियोगिता की निर्णायक मंडली में प्रसिद्ध कला विशेषज्ञ तंजावुर आर. केसवन और बिस्वजीत रॉय चौधरी शामिल रहे। अद्वितीया की इस उपलब्धि के पीछे उनकी गुरु दीपिका सरकार का विशेष मार्गदर्शन रहा। कम उम्र में ही अद्वितीया ने अपनी साधना और प्रतिभा से भारतीय शास्त्रीय नृत्य की एक अलग पहचान बनाई है।

इससे पहले भी अद्वितीया सामजी ने मधुगुंजन महोत्सव, कौशल महोत्सव और हिमशिखर महोत्सव में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। उनकी इस अंतरराष्ट्रीय सफलता से रायगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी और गौरव का माहौल है।  

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Kanha Shastri

Kanha Shastri